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धमाकों से सहम जाते हैं यूक्रेन में फंसे विद्यार्थी

Sat, 26 Feb 2022 12:00 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 12:00 AM IST
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ukrain mbbs students, feared by explosions
25एमएनपी-41-शहर के पंजाबी कॉलोनी निवासी छात्रा स्नेहा यादव - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। रूस-यूक्रेन युद्ध से मैनपुरी के कई परिवारों की नींद उड़ गई है। उन्हें नींद आए भी तो कैसे उनके जिगर के टुकड़े यूक्रेन में जो फंसे हैं। अब तक मैनपुरी के चार परिवार सामने आ चुके हैं, जिनके बेटे या बेटी यूक्रेन में हैं। फोन उनसे लगातार संपर्क तो हो रहा है, लेकिन वे कब तक घर वापस आ सकेंगे, इसका कोई पता नहीं। घरों में परिजन अपने बच्चों की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार से भी वे अपने बच्चों को घर वापस लाने की मांग कर रहे हैं।
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कार्तिक के घर लौटने की उम्मीद में है पूरा परिवार
बेवर के मोहल्ला महाजनान निवासी व्यापारी रामजी गुप्ता का बेटा कार्तिक गुप्ता यूक्रेन में ही फंसा हुआ है। वह एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है। परिवार हर घंटे फोन कर बेटे से बात कर रहा है। मां वंदना ने बताया कि लगातार उनकी वीडियो कॉल से बात हो रही है। कार्तिक ने बताया कि उनके शहर में धमाके लगातार हो रहे हैं। फिलहाल वह अन्य छात्रों के साथ बंकर में ही सुरक्षित है। शुक्रवार को कार्तिक के घर पहुंचे चेयरमैन सरितकांत भाटिया ने परिवार से मिलकर जल्द कार्तिक की घर वापसी की बात कही। कार्तिक की मां वंदना देवी, दादी रानी देवी, चाची वैशाली गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्तिक व अन्य छात्रों को वापस लाने की मांग की है।
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बेटी कोयना के लिए चिंतित है पूरा परिवार
करहल कस्बे के सदर बाजार निवासी पूर्व सभासद सतीश यादव की पौत्री और दवा व्यवसायी विवेक यादव की पुत्री कोयना यादव भी यूक्रेन में फंसी हैं। कोयना दो माह पहले ही 28 दिसंबर 2021 को यूक्रेन गई थी। बेटी की सुरक्षा को लेकर परिजन चिंतित हैं। वे लगातार कोयना से फोन पर संपर्क में बने हुए हैं। पिता विवेक यादव और मां सुनीता देवी भी अपने बेटी की घर वापसी के लिए परेशान हैं। कोयना फिलहाल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में ही सुरक्षित है। परिजनों से हुई बातचीत में कोयना ने बताया कि वहां सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। परिजनों ने बेटी को वापस लाने के लिए सरकार से मांग की है।
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तीन साल से यूक्रेन में है कुशाग्र यादव
करहल के ही सिरसागंज रोड निवासी रनवीर सिंह यादव का बेटा कुशाग्र यादव भी यूक्रेन में है। वह तीन साल से वहां रह रहा है। मां अनीता देवी को बेटे की सुरक्षा की चिंता सता रही है। फोन पर परिजन लगातार अपने बेटे से संपर्क में बने हुए हैं। फोन पर हुई बातचीत में कुशाग्र ने बताया कि यूक्रेन में हालात बहुत खराब हैं। सायरन बजते ही उन्हें बंकर में छिपना पड़ता है। उनके पास खाने-पीने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है। बेटे की इस हालत पर परिवार परेशान हैं। परिजन ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेटे को घर वापस लाने के लिए मांग की है।
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मोदी जी, बेटे को सुरक्षित लाएं घर
करहल के अहिंसा कॉलोनी निवासी डॉ. कमलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से अपने बेटे अनुपम यादव को सुरक्षित घर लाने की मांग की है। बेटा एमबीबीएस फाइनल ईयर का छात्र है। यूक्रेन में जो हालात हैं वह ठीक नहीं है, ऐसे में उनके बेटे समेत अन्य बच्चों को वहां से निकालना बहुत जरूरी है। फोन पर हुई बातचीत में अनुपम ने बताया कि वहां के हालात बहुत ही खराब हैं। सड़कों को बंद कर दिया गया है तो वहीं बाजार भी नहीं खुल रहे हैं। हालांकि भारतीय दूतावास ने सभी छात्रों को सुरक्षित भारत भेजे जाने के बंदोबस्त जल्द होने का भरोसा तो दिलाया है। मांग विमलेश यादव का कहना है कि जब तक उनका बेटा वापस नहीं आ जाता है तब तक उनकी चिंता खत्म नहीं होगी।
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शहर की बेटी स्नेहा यादव भी यूक्रेन में
शहर के पंजाबी कॉलोनी निवासी देवेश यादव की बेटी स्नेहा यादव भी यूक्रेन में ही है। वह इसी सप्ताह घर लौटने वाली थी, लेकिन रूस के हमले के बाद सभी उड़ानें रद होने से वह वहां फंस गई। पिता देवेश यादव ने बताया कि स्नेहा यूक्रेन में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्र है। उन्होंने बेटी को वापस बुलाने की तैयारी कर ली थी। इसके लिए 24 फरवरी की फ्लाइट थी। लेकिन एन वक्त पर हुए हमले से सभी उड़ानें रद कर दी गईं और बेटी वहीं फंस गई। स्नेहा से फोन पर लगातार उनकी बातचीत हो रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वह सुरक्षित हैं, लेकिन उसे देश वापस लाना बहुत जरूरी है।

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रूस में फंसे छात्रों की भी चिंता
यूक्रेन में हमले के बाद रूस में भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। इससे रूस में भी जिले के कई छात्र फंसे हुए हैं। बेवर के नगला दिलीप निवासी सुरेंद्र सिंह यादव के बेटे हिमांशू यादव भी रूस से एमबीबीएस कर रहे हैं। परिजनों को लगातार उसकी चिंता सता रही है। फोन पर हिमांशू से हुई बातचीत में ये पता चला है कि अब तक रूस में हालात सामान्य है। लेकिन परिजनों को चिंता सता रही है। उन्होंने बेटे को वापस लाने की मांग सरकार से की है।

25एमएनपी-42-बेवर के नगला दलीप निवासी छात्र हिमांशू यादव

25एमएनपी-42-बेवर के नगला दलीप निवासी छात्र हिमांशू यादव- फोटो : MAINPURI

25एमएनपी-43- शहर के मोहल्ला देवपुरा निवासी छात्र अवनीश राठौर

25एमएनपी-43- शहर के मोहल्ला देवपुरा निवासी छात्र अवनीश राठौर- फोटो : MAINPURI

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