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इतनी भयंकर गर्मी कि हवालात में बेहोश हुए दो बंदी
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 28 Jun 2017 08:59 PM IST
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Scorching Heat
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भीषण गर्मी में तप रही हवालात में बंदी बीमार हो रहे हैं। बुधवार को जेल से पेशी के लिए लाए गए दो बंदी कलक्ट्रेट की हवालात में अचानक बेहोश हो गए। इस पर यहां बंदियों ने हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने दो पंखों की व्यवस्था की तब वह शांत हुए। बुधवार को कलक्ट्रेट में स्थित हवालात में बंदी भरतपुर का सचिन और सुरीर का प्रेमपाल बेहोश होकर गिर गए।
दोनों के बेहोश होते ही बंदियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। काफी देर तक हंगामा किया। हल्ला मचने पर पुलिस पहुंच गई और बंदियों से जानकारी की। दो बंदियों के बेहोश होने की जानकारी मिली तो तत्काल पंखों की व्यवस्था कराई गई। इस हवालात की क्षमता 50 बंदियों की है लेकिन यहां 150 तक बंदियों को रखा जा रहा है।
बंदियों का कहना है कि जेल में भी यही हालात हैं। जिस बैरक में 20 बंदी होने चाहिए वहां 100 बंदी रह रहे हैं। सोने का भी नंबर लगता है। जगह के लिए भी यहां झगड़े होते हैं। मथुरा जेल की क्षमता 550 बंदियों की है जबकि मौजूदा समय में यहां 1780 बंदी रह रहे हैं। यहां 19 बैरक हैं, किसी बैरक की क्षमता 60 है तो किसी की 30। स्थिति यह है कि बंदी रात को आराम से सो भी नहीं पा रहे हैं। भीषण गर्मी में बंदियों की भीड़ से बैरक उबलने लगी है।
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सीओ सिटी जगदीश चंद्र सिंह ने बताया कि क्षमता से अधिक बंदी होने के कारण भी दिक्कत हो रही है। जैसे ही बंदियों ने शिकायत की तत्काल हवालात में चार पंखे लगवा दिए गए हैं। यह पंखे पूरे सीजन यहीं लगे रहेंगे।
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दोनों के बेहोश होते ही बंदियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। काफी देर तक हंगामा किया। हल्ला मचने पर पुलिस पहुंच गई और बंदियों से जानकारी की। दो बंदियों के बेहोश होने की जानकारी मिली तो तत्काल पंखों की व्यवस्था कराई गई। इस हवालात की क्षमता 50 बंदियों की है लेकिन यहां 150 तक बंदियों को रखा जा रहा है।
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बंदियों का कहना है कि जेल में भी यही हालात हैं। जिस बैरक में 20 बंदी होने चाहिए वहां 100 बंदी रह रहे हैं। सोने का भी नंबर लगता है। जगह के लिए भी यहां झगड़े होते हैं। मथुरा जेल की क्षमता 550 बंदियों की है जबकि मौजूदा समय में यहां 1780 बंदी रह रहे हैं। यहां 19 बैरक हैं, किसी बैरक की क्षमता 60 है तो किसी की 30। स्थिति यह है कि बंदी रात को आराम से सो भी नहीं पा रहे हैं। भीषण गर्मी में बंदियों की भीड़ से बैरक उबलने लगी है।
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सीओ सिटी जगदीश चंद्र सिंह ने बताया कि क्षमता से अधिक बंदी होने के कारण भी दिक्कत हो रही है। जैसे ही बंदियों ने शिकायत की तत्काल हवालात में चार पंखे लगवा दिए गए हैं। यह पंखे पूरे सीजन यहीं लगे रहेंगे।