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बच्चों की गवाही पर मिला मां को इंसाफ, हत्यारे पिता सहित दो को उम्रकैद की सजा
Fri, 21 Feb 2020 12:31 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 21 Feb 2020 12:31 AM IST
सार
आगरा में बच्चों ने अपनी मां को इंसाफ दिलाया। उनकी गवाही पर अदालत ने हत्या आरोपी पिता और उसके दोस्त को दोषी मानते हुए सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई।
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विस्तार
न्यू आगरा क्षेत्र के गांव लश्करपुर में लगभग छह साल पहले हुई महिला की हत्या में उसके पति और पति के दोस्त को दोषी पाते हुए अदालत ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। इस मामले में मृतका के बेटे और बेटी की गवाही अहम रही।
फतेहपुर सीकरी के दूरा निवासी सीमा (35) पुत्री ओमप्रकाश अग्रवाल की शादी कमला नगर निवासी राजीव अग्रवाल उर्फ रामभाई पुत्र बल्देव प्रसाद के साथ हुई थी। 14 मार्च-2014 को सीमा की चाकू, कैंची और मोगरी से हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में राजीव अग्रवाल और उसके एक साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। नौ अप्रैल-2014 को राजीव का साथी नगला पदी निवासी संतोष कुमार पकड़ा गया, जबकि 25 जून-2014 को राजीव अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
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फतेहपुर सीकरी के दूरा निवासी सीमा (35) पुत्री ओमप्रकाश अग्रवाल की शादी कमला नगर निवासी राजीव अग्रवाल उर्फ रामभाई पुत्र बल्देव प्रसाद के साथ हुई थी। 14 मार्च-2014 को सीमा की चाकू, कैंची और मोगरी से हत्या कर दी गई थी।
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इस मामले में राजीव अग्रवाल और उसके एक साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। नौ अप्रैल-2014 को राजीव का साथी नगला पदी निवासी संतोष कुमार पकड़ा गया, जबकि 25 जून-2014 को राजीव अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
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जुलाई-2014 में दाखिल हुआ था आरोपपत्र
मामले में थाना प्रभारी अरुण कुमार ने पांच जुलाई-2014 को आरोपपत्र दाखिल किया। बृहस्पतिवार को अदालत ने राजीव अग्रवाल और उसके साथी संतोष कुमार को दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मुकदमे में पैरवी कर अभियुक्तों को दंड दिलाने के लिए कोर्ट पैरोकार प्रेम कुमार और कोर्ट मोहर्रिर सिपाही पप्पू खान को एसएसपी ने एक-एक हजार रुपये से पुरस्कृत किया।
एडीजीसी शशि शर्मा ने बताया कि घटना के समय राजीव और सीमा का बेटा सौरभ (उस समय उम्र 12 वर्ष) और बेटी श्रुति (उस समय उम्र छह वर्ष) भी घर में थे। पति ने बेटे सौरभ को बांध दिया था। सीमा की हत्या के बाद श्रुति को अपने साथ ले गया था। अदालत में दोनों बच्चों ने पिता के खिलाफ गवाही दी जो कि सजा दिलाने में अहम रही।
एडीजीसी शशि शर्मा ने बताया कि घटना के समय राजीव और सीमा का बेटा सौरभ (उस समय उम्र 12 वर्ष) और बेटी श्रुति (उस समय उम्र छह वर्ष) भी घर में थे। पति ने बेटे सौरभ को बांध दिया था। सीमा की हत्या के बाद श्रुति को अपने साथ ले गया था। अदालत में दोनों बच्चों ने पिता के खिलाफ गवाही दी जो कि सजा दिलाने में अहम रही।
यह था मामला
प्राइवेट नौकरी करने वाले राजीव अग्रवाल और सीमा से तीन बच्चे थे। विवाद होने पर सीमा तीनों बच्चों को लेकर तेज नगर में रहने लगी थी। राजीव मुगल रोड स्थित लश्करपुर में किराए पर रह रहा था। घटना वाले दिन राजीव ने सीमा को अपने कमरे पर बुलाया।
किसी बात पर पति-पत्नी में झगड़ा हो गया। तब राजीव का साथी भी वहां था। टीवी की आवाज तेज करके राजीव ने अपने साथी के साथ मिलकर सीमा की कैंची, चाकू और मोगरी से हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों भाग गए थे। पड़ोस के किराएदारों ने पुलिस को सूचना दी थी।
किसी बात पर पति-पत्नी में झगड़ा हो गया। तब राजीव का साथी भी वहां था। टीवी की आवाज तेज करके राजीव ने अपने साथी के साथ मिलकर सीमा की कैंची, चाकू और मोगरी से हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों भाग गए थे। पड़ोस के किराएदारों ने पुलिस को सूचना दी थी।