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दूसरों की जान बचाने को आगे आए कोरोना को हराने वाले, दो चिकित्सक समेत 11 लोगों ने दान किया प्लाज्मा
Mon, 20 Jul 2020 12:13 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 20 Jul 2020 12:13 AM IST
सार
- कोरोना वायरस को मात देने वाले लोग अब दूसरों की जान बचाने के लिए भी कदम बढ़ा रहे हैं। संक्रमण से ठीक हो चुके मरीज प्लाज्मा दान कर रहे हैं। दो चिकित्सकों समेत 11 लोगों ने प्लाज्मा दान किया है।
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सुयश ने प्लाज्मा दान किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मरीजों का प्लाज्मा थेरेपी से इलाज शुरू हो गया है। अभी दो मरीजों पर इसका ट्रायल किया जा रहा है। ऐसे में प्लाज्मा दान करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने अपील की थी। 18 दिनों में 11 लोग प्लाज्मा दान कर चुके हैं।
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शहर के वाटर वर्क्स निवासी डॉ. राजीव गुप्ता के बेटे 22 साल के सुयश गुप्ता ने प्लाज्मा दान किया है। सुयश प्लाज्मा दाने करने वालों में सबसे कम उम्र के हैं। इसके अलावा एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉ. मनीष, स्वास्थ्य विभाग के डॉ. आरके सिंह भी प्लाज्मा दान कर चुके हैं।
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एसएन के ही स्टाफ चंदन मलिक, हरिओम त्यागी, देव धाकरे, राजेश मांगवानी, कृष्णा कुमार, बबलू सिंह, रामपाल सिंह ने भी प्लाज्मा दान किया है। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि प्लाज्मा दान करने से संक्रमित मरीजों के इलाज में बड़ी सुविधा मिलेगी। संक्रमण से ठीक हो चुके लोग जनहित में प्लाज्मा दान करें।
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संक्रमित मरीजों पर चल रहा है प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल
एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी का दो मरीजों पर ट्रायल चल रहा है। इसमें हलवाई की बगीची निवासी 51 साल के पुरुष को नौ और 14 जुलाई को प्लाज्मा की दो डोज दी गईं। यह मधुमेह पीड़ित था और ऑक्सीजन की कमी थी। डोज लगने के बाद 14 को वेंटिलेटर से हटा लिया गया है।
अब मरीज की हालत बेहतर है। दूसरा 32 साल का मरीज आवास विकास कॉलोनी का है, इस पर ट्रायल चल रहा है। इसमें एक मरीज को 400 ग्राम प्लाज्मा की डोज लगाई जाती है। यह संक्रमण से ठीक हो चुके दो मरीजों के 200-200 ग्राम को दो बार में लगाया जाता है।
पांच और मरीज चिह्नित किए, आईसीएमआर को भेजा डेटा
आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संक्रमित मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी देने के लिए पांच और मरीज चिह्नित किए हैं। इनका डेटा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च को भेज दिया है। इनकी स्टडी करने के बाद वहां से मरीज का नाम तय होगा। इसके बाद उसे प्लाज्मा थेरेपी देना शुरू किया जाएगा।
अब मरीज की हालत बेहतर है। दूसरा 32 साल का मरीज आवास विकास कॉलोनी का है, इस पर ट्रायल चल रहा है। इसमें एक मरीज को 400 ग्राम प्लाज्मा की डोज लगाई जाती है। यह संक्रमण से ठीक हो चुके दो मरीजों के 200-200 ग्राम को दो बार में लगाया जाता है।
पांच और मरीज चिह्नित किए, आईसीएमआर को भेजा डेटा
आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संक्रमित मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी देने के लिए पांच और मरीज चिह्नित किए हैं। इनका डेटा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च को भेज दिया है। इनकी स्टडी करने के बाद वहां से मरीज का नाम तय होगा। इसके बाद उसे प्लाज्मा थेरेपी देना शुरू किया जाएगा।