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सिंथेटिक दूध बनाने में दो दोषी, सात साल का कारावास
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आगरा। अपर जिला जज ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने थाना बरहन के सिंथेटिक दूध बनाने के मामले में आरोपी जगदीश प्रसाद और ईश्वरी प्रसाद को दोषी पाया। दोनों को सात साल के कठोर कारावास और 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपियों से सिंथेटिक दूध बनाने का सामान और उपकरण बरामद हुए थे।
मामले के अनुसार, एत्मादपुर के खाद्य निरीक्षक कृपाशंकर ने छह अगस्त 2010 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा कि सिंथेटिक दूध की शिकायत पर नगला बारी खां निवासी जगदीश प्रसाद और अहारन निवासी ईश्वरी प्रसाद की डेयरी पर छापा मारा था। यह कार्रवाई उप जिलाधिकारी एत्मादपुर के निर्देशन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने की। इस दौरान सिंथेटिक दूध के साथ बनाने का सामान और उपकरण बरामद हुए। केमिकल भी मिला।
अभियोजन ने कहा कि आरोपियों से बरामद किए केमिकल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक एवं जहरीले पदार्थ हैं। मुकदमे के विचारण के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सात वर्ष कठोर कारावास और 12 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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मामले के अनुसार, एत्मादपुर के खाद्य निरीक्षक कृपाशंकर ने छह अगस्त 2010 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा कि सिंथेटिक दूध की शिकायत पर नगला बारी खां निवासी जगदीश प्रसाद और अहारन निवासी ईश्वरी प्रसाद की डेयरी पर छापा मारा था। यह कार्रवाई उप जिलाधिकारी एत्मादपुर के निर्देशन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने की। इस दौरान सिंथेटिक दूध के साथ बनाने का सामान और उपकरण बरामद हुए। केमिकल भी मिला।
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अभियोजन ने कहा कि आरोपियों से बरामद किए केमिकल स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक एवं जहरीले पदार्थ हैं। मुकदमे के विचारण के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सात वर्ष कठोर कारावास और 12 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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