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ढाई हजार बाल श्रमिक जाएंगे स्कूल
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फिरोजाबाद। जिला प्रशासन हाल ही चिह्नित किए गए श्रमिकों के बच्चों व बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने की कवायद में जुट गया है। कानपुर की संस्था सोशल डवलपमेंट एवं इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कराए गए सर्वे में चिह्नित किए गए 7025 बच्चों में तीन से आठ वर्ष आयु वर्ग के 2525 बच्चों को विकास परियोजना एवं बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा के साथ उनके भरण पोषण आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की योजना बनाई जा रही है।
फिरोजाबाद में कांच, चूड़ी और अन्य उद्योग-धंधों में लगे करीब 7025 बच्चों को शासन द्वारा नामित सोशल डवलपमेंट एवं इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कानपुर ने चिह्नित किया है। इनमें से तीन से पांच वर्षीय 299 बच्चों को बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से पोषण के साथ ही प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ीं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके लिये जिला प्रशासन ने जिले के कार्यक्रम विभाग को जिम्मेदारी दी है। वहीं पांच से आठ वर्ष आयु वर्ग के करीब 2226 बाल श्रमिकों अथवा श्रमिकों के बच्चों को भी शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सीडीओ व जिला समन्वयक बाल श्रम उन्मूलन चर्चित गौड़ की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र जारी किया गया है। बीएसए को सभी बच्चों को क्षेत्रीय स्तर पर संचालित परिषदीय स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश देने को कहा गया है।
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राष्ट्रीय बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चिह्नित तीन से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाना है। निजी संस्था द्वारा चिह्नित बाल श्रमिकों अथवा स्कूल नहीं जाने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बाल विकास परियोजनाओं से 299 बच्चों का भरण पोषण कराने और 2296 बच्चों को परिषदीय स्कूलों में प्रवेश दिलाने का प्रयास है।
अशोक कुमार तिवारी प्रभारी बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रम
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फिरोजाबाद में कांच, चूड़ी और अन्य उद्योग-धंधों में लगे करीब 7025 बच्चों को शासन द्वारा नामित सोशल डवलपमेंट एवं इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड कानपुर ने चिह्नित किया है। इनमें से तीन से पांच वर्षीय 299 बच्चों को बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से पोषण के साथ ही प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ीं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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इसके लिये जिला प्रशासन ने जिले के कार्यक्रम विभाग को जिम्मेदारी दी है। वहीं पांच से आठ वर्ष आयु वर्ग के करीब 2226 बाल श्रमिकों अथवा श्रमिकों के बच्चों को भी शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सीडीओ व जिला समन्वयक बाल श्रम उन्मूलन चर्चित गौड़ की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र जारी किया गया है। बीएसए को सभी बच्चों को क्षेत्रीय स्तर पर संचालित परिषदीय स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश देने को कहा गया है।
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राष्ट्रीय बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चिह्नित तीन से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाना है। निजी संस्था द्वारा चिह्नित बाल श्रमिकों अथवा स्कूल नहीं जाने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बाल विकास परियोजनाओं से 299 बच्चों का भरण पोषण कराने और 2296 बच्चों को परिषदीय स्कूलों में प्रवेश दिलाने का प्रयास है।
अशोक कुमार तिवारी प्रभारी बाल श्रम उन्मूलन कार्यक्रम