{"_id":"61642ab28ebc3eab06760391","slug":"two-ancient-temples-of-vrindavan-will-be-tricolor-on-100-crore-vaccination-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: 100 करोड़ टीकाकरण पर तिरंगामय होंगे वृंदावन के दो प्राचीन मंदिर, चल रही खास तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: 100 करोड़ टीकाकरण पर तिरंगामय होंगे वृंदावन के दो प्राचीन मंदिर, चल रही खास तैयारी
Tue, 12 Oct 2021 12:21 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 12 Oct 2021 12:21 AM IST
सार
देश में कोरोना रोधी टीकाकरण तेज रफ्तार से चल रहा है। रविवार को टीकाकरण का आंकड़ा 95 करोड़ को पार कर गया। को-विन पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, टीकाकरण का कुल आंकड़ा 95,12,83,019 पर पहुंच गया है। 100 टीकाकरण होने पर संरक्षित स्मारकों को तिरंगामय किया जाएगा।
विज्ञापन
प्राचीन गोविंद देव मंदिर वृंदावन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रज के सबसे प्राचीन मंदिरों में शुमार वृंदावन के मदनमोहन और गोविंद देव मंदिर को सरकार तिरंगे के रंग में सजाने की तैयारी कर रहा है। यह सजावट 14 अक्तूबर को वृंदावन आने वाले धार्मिक पर्यटकों को चकाचौंध करेगी। इसका संदेश केंद्र सरकार से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को मिल चुका है।
विज्ञापन
देश में कोरोना रोधी टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही 100 करोड़ टीका लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। इसी संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए ने देश की 100 प्राचीन इमारतों को तिरंगा के रंग से सजाने का फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
वृंदावन के दोनों प्राचीन मंदिर हैं संरक्षित
इन इमारतों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण वाले दो मंदिर मथुरा जनपद की हैं। यह दोनों ही प्राचीन मंदिर वृंदावन में स्थित हैं, जिन्हें ब्रज के सबसे प्राचीन मंदिरों के रूप में पहचान मिली हुई है। इसमें मदनमोहन मंदिर और गोविंद देव मंदिर शामिल है। हालांकि इन दोनों मंदिरों तक पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या बहुत सीमित होकर रह गई है।
विज्ञापन
पुरातत्व अधिकारी ही नहीं स्थानीय जिला प्रशासन भी इस दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठा सका है। सरकार के फैसले के तहत 13 अक्तूबर से शुरू होने वाली सजावट 14 अक्तूबर को अपने पूरे रंग रूप में नजर आएगी। इसके लिए बिजली की झालरों का उपयोग सजावट के लिए किया जाएगा।