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मालगाड़ी के सुरक्षित संचालन के लिए चालू हुई ईओटीटी प्रणाली

Wed, 04 Aug 2021 11:46 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 11:46 PM IST
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tundla junction,north central railway,GMC yard,EOTT experiment,fright corridor,BLW officer,RDSO officer
मालगाड़ी में ईओटीटी प्रणाली का प्रयोग करता कर्मचारी - फोटो : TUNDLA
टूंडला (फिरोजाबाद)। उत्तर मध्य रेलवे द्वारा एंड आफ ट्रेल टेलीमेट्री (ईओटीटी) का सफल परीक्षण कर लिया गया। अब यह प्रणाली मालगाड़ी संचालन में काफी मददगार साबित होगी। एक अगस्त को जीएमसी यार्ड एवं टूंडला के बीच इसका ट्रायल किया गया था। परीक्षण के दौरान उत्तर मध्य रेलवे, बीएलडब्ल्यू एवं आरडीएसओ के अधिकारी उपस्थित रहे।
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उत्तर मध्य रेलवे के कानपुर लोकोशेड द्वारा मालगाड़ी में ईओटीटी प्रणाली का सफल ट्रायल किया गया। ईओटीटी स्वचालित प्रणाली है। इसे फास्ट ट्रैक मोड पर रखा गया है। सफल ट्रायल के बाद रेल अधिकारियों ने कहा कि यह तकनीक ब्रेक वैन की जरूरत खत्म कर देगी। मालगाड़ी के सुरक्षित संचालन के लिए गार्ड द्वारा की जाने वाली सभी संरक्षा गतिविधियों को पूरा करेगी। ऐसे में ब्रेक वैन के स्थान पर अतिरिक्त वैगन को जोड़ा जा सकता है। इससे अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। विद्युत लोकोमोटिव इंजीनियर उत्तर मध्य रेलवे पीडी मिश्रा बताते हैं इलेक्ट्रिक लोको शेड, कानपुर के लोको नंबर 32266/डब्ल्यूएजी-9/सीएनबी में ईओटीटी सिस्टम चालू कर दिया गया है।
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ईओटीटी (एंड आफ ट्रेल टेलीमेट्री)
इसमें मुख्य रूप से दो यूनिट होती हैं। हेड ऑफ ट्रेन यूनिट लोकोमोटिव पर लगा होता है और एक पोर्टेबल एंड ऑफ ट्रेन यूनिट होता है, जो अंतिम वैगन के सेंटर बफर कपलिंग पर लगा होता है। दोनों इकाइयों को जोड़ देने पर रेडियो लिंक पर संवाद होता है। ट्रेन के अंतिम वाहन का ब्रेक पावर प्रेशर लोकोमोटिव के लोको कैब मे हेड ऑफ ट्रेन यूनिट डिस्प्ले में ड्राइवर को प्रदर्शित होता है।
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लोको पायलट द्वारा लोको कैब में आपातकालीन ब्रेक लगाया जाता है तो अंतिम वाहन से भी आपातकालीन ब्रेक लग जाता है। इससे ट्रेन को नियंत्रित करने में ब्रेकिंग दूरी और समय कम हो जाता है। ट्रेन पार्टिंग अथवा डिरेलमेंट की स्थिति में अंतिम डिब्बे का बीपी दबाव स्तर निर्दिष्ट सीमा के बाहर होता है तो यह प्रणाली लोको पायलट को भी सचेत करेगी।

ईओटीटी परीक्षण के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। यह प्रौद्योगिकी आने वाले दिनों में मालगाड़ियों के संचालन में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रही है। -डॉ.शिवम शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, प्रयागराज
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