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मैनपुरी में सेप्टेज को शोधित करेगा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट

Sun, 24 Jan 2021 11:08 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2021 11:08 PM IST
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treatment plant will be made in Mainpuri
मैनपुरी। सेप्टेज को शोधित करने के लिए जिले में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) बनाया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के साथ भी इसके निर्माण के लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। जल्द ही जल निगम कार्यालय परिसर में इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। निर्माण से पूर्व मिट्टी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
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सीवेज को शोधित करने के लिए लगभग दस साल पहले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था। इससे घरों के ड्रेनेज को जोड़कर उसका शोधन किया जाता है। इसकी क्षमता तीन लाख लीटर सीवेज को प्रतिदिन शोधित करने की है। अब तक सेप्टेज (शौचालय के टैंक से निकलने वाला अपशिष्ट) को शोधित करने की जिले में कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके चलते टैंक खाली होने पर सेप्टेज को खुले में या नाले में छोड़ दिया जाता था।
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अब ऐसा नहीं होगा, इसके लिए शासन ने एफएसटीपी के निर्माण की अनुमति दे दी है। पॉवर हाउस स्थित जल निगम कार्यालय परिसर में 90 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा। इसकी क्षमता 23 किलो लीटर प्रति दिन होगी। शासन ने इसके निर्माण के लिए मंजूरी देने के साथ ही 15 लाख का बजट भी अवमुक्त कर दिया है। लगभग पांच माह में इसका निर्माण कार्य पूर्ण होगा।
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इसलिए पड़ी जरूरत
मैनपुरी शहर की पुरानी बस्तियों में सीवेज लाइन के कनेक्शन टैंक से हैं। ऐसे में इसमें केवल पानी ही आता है। जब सेप्टिक टैंक की सफाई कराई जाती है तो उससे निकलने वाले सेप्टेज को नाले में या खुले में छोड़ दिया जाता है। इसके शोधन के लिए एफएसटीपी की जरूरत थी। इसके लिए जल निगम ने शासन को प्रस्ताव भेजा था।
मिट्टी के नमूने जांच के लिए भेजे
एफएसटीपी के निर्माण के लिए जल निगम में स्थान का चिह्नांकन किया गया है। निर्माण के लिए नोएडा की संस्था रूबीकॉन कंस्ट्रक्शंस को जिम्मा मिला है। निर्माण से पूर्व मिट्टी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद काम शुरू हो जाएगा।

हाईलाइर्ट्स
-02 लाख के करीब है शहर की आबादी
-30 हजार के करीब है शहर में घरों की संख्या
-90 लाख से बनेगा एफएसटीपी
-15 लाख की धनराशि हुई अवमुक्त
वर्जन
शासन से एफएसटीपी के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। बजट भी जारी हो गया है। अगले माह से कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इससे सेप्टेज शोधित करने में मदद मिलेगी। - आरके शर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम।
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