{"_id":"6474ed979324f54e9b011e46","slug":"treasury-token-is-now-valid-only-for-10-days-kasganj-news-c-25-1-173434-2023-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: ट्रेजरी टोकन अब 10 दिन तक ही वैध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: ट्रेजरी टोकन अब 10 दिन तक ही वैध
Mon, 29 May 2023 11:53 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 29 May 2023 11:53 PM IST
विज्ञापन
कासगंज। शासकीय देयों के ट्रांजेक्शन के लिए जारी ट्रेजरी टोकन अब 10 दिन तक ही वैध रहेगा। इस अवधि के बाद टोकन स्वत: निरस्त हो जाएगा। विलंब से टोकन भुगतान के लिए प्रस्तुत करने पर उसके रिजेक्ट होने की संभावना अधिक रहती है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आहरण वितरण अधिकारियों द्वारा अप्रूव किए जाने के बाद टोकन की वैधता 10 दिन की होगी। इन 10 दिनों के अंदर कोषागार स्तर पर बिल प्रस्तुत न होने या कोषागार में टोकन स्वीकार न होने की दशा में टोकन स्वत: निरस्त हो जाएगा। ऐसे बिलों को प्रस्तुत करने के लिए आहरण वितरण अधिकारियों को पुन: टोकन बनाना होगा।
डीडीओ पोर्टल पर टोकन जनरेट तथा अप्रूव करने के पेज पर इस आशय के निर्देश साफ्टवेयर अपडेट के समय लगा दिया जाएगा। वर्तमान में डीडीओ पोर्टल पर कोषागार में बिल प्रस्तुत करने से पूर्व टोकन जनरेट किया जाता है, इन्हें संबंधितआहरण वितरण अधिकारियों द्वारा अप्रूव किए जाने के पश्चात कोषागार में प्रस्तुत किया जाता है। प्राय: ऐसा देखा जा रहा है कि कार्यालय द्वारा टोकन अप्रूव करने के पश्चात भी बिल कोषागार में प्रस्तुत करने में अत्यधिक विलंब किया जाता है। पुराने टोकन नंबर के भुगतान के लिए ई-कुबेर पर रिजेक्ट होने की संभावना अधिक होती है। जिससे प्रदेश में कैश फ्लो में अनिश्चितता आती है।इसलिए यह नियम लागू किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वरिष्ठ कोषाधिकारी अनिल कुमार सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आहरण वितरण अधिकारियों द्वारा अप्रूव किए जाने के बाद टोकन की वैधता 10 दिन की होगी। इन 10 दिनों के अंदर कोषागार स्तर पर बिल प्रस्तुत न होने या कोषागार में टोकन स्वीकार न होने की दशा में टोकन स्वत: निरस्त हो जाएगा। ऐसे बिलों को प्रस्तुत करने के लिए आहरण वितरण अधिकारियों को पुन: टोकन बनाना होगा।
विज्ञापन
डीडीओ पोर्टल पर टोकन जनरेट तथा अप्रूव करने के पेज पर इस आशय के निर्देश साफ्टवेयर अपडेट के समय लगा दिया जाएगा। वर्तमान में डीडीओ पोर्टल पर कोषागार में बिल प्रस्तुत करने से पूर्व टोकन जनरेट किया जाता है, इन्हें संबंधितआहरण वितरण अधिकारियों द्वारा अप्रूव किए जाने के पश्चात कोषागार में प्रस्तुत किया जाता है। प्राय: ऐसा देखा जा रहा है कि कार्यालय द्वारा टोकन अप्रूव करने के पश्चात भी बिल कोषागार में प्रस्तुत करने में अत्यधिक विलंब किया जाता है। पुराने टोकन नंबर के भुगतान के लिए ई-कुबेर पर रिजेक्ट होने की संभावना अधिक होती है। जिससे प्रदेश में कैश फ्लो में अनिश्चितता आती है।इसलिए यह नियम लागू किया गया है।
विज्ञापन