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फिर मायूसी- नए सर्वे में भी कन्नौज से वया कासगंज नहीं जुड़ पाएगा एटा रेल ट्रैक
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कासगंज। लंबे समय से एटा-कासगंज को रेल ट्रैक से जोड़ने का सपना एकबार फिर से धराशाई हुआ है। कन्नौज के गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन से एटा स्टेशन को सीधे रेल ट्रैक से जोड़ा जा रहा है। लंबे समय से संभावना थी कि वाया कासगंज यह ट्रैक जुड़ेगा लेकिन रेलवे वाया मैनपुरी एटा-कन्नौज मार्ग जोड़ने का प्रस्ताव तैयार कर सर्वे शुरू करा चुका है।
एटा और कासगंज मुख्यालय रेल ट्रैक से नहीं जुड़ पा रहा है। लंबे समय से लोग इस ट्रैक को जोड़ने की मांग कर रहे हैं। हालांकि मौजूदा सांसद राजवीर सिंह ने कई बार प्रधानमंत्री और रेलमंत्री को पत्र लिखकर इस ट्रैक को जोड़ने का अनुरोध किया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इधर एटा के रेल विस्तार को लेकर अब एक नई योजना तैयार हुई है। एटा को मैनपुरी से जोड़ते हुए सीधे कन्नौज तक नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे शुरू कराया गया है। जबकि यदि कन्नौज को वाया कासगंज एटा से जोड़ा जाता तो रेल विस्तार और भी बढ़ गया होता। क्योंकि कासगंज से एटा के बीच रेल ट्रैक बिछाने के लिए पूर्व में हुए सर्वे के अनुसार मात्र 28 किलोमीटर तक की दूरी है। जबकि कासगंज से कन्नौज तक रेल ट्रैक बिछा हुआ है। इधर नए सर्वे में भी कासगंज से एटा ट्रैक न जुड़ने से लोगों में मायूसी है।
आरओआर में लटका पूर्व का सर्वे
पूर्व में रेलवे द्वारा निजी एजेंसी से कासगंज एटा के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे करा लिया गया था। लगभग 5 वर्ष पूर्व हुआ यह सर्वे आरओआर(रिटर्न ऑफ रेट) में लटका हुआ है। पूर्व में सर्वे हुआ तो लोगों में उम्मीद जगी थी, लेकिन पूर्व के सर्वे की पत्रावली भी दफन नजर आ रही है।
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आंकड़े की नजर से-
- 28 किलोमीटर एटा-कासगंज रेल लाइन को पूर्व में मिली थी मंजूरी।
- 276 करोड़ रुपये से एटा-कासगंज के बीच रेल लाइन विस्तार का सर्वे के बाद रखा गया था प्रस्ताव।
वर्जन-
- एटा-कासगंज रेल लाइन का पूर्व में सर्वे हुआ था, लेकिन अब कोई नया दिशा-निर्देश नहीं मिला है। कन्नौज के गुरसहायगंज से एटा तक रेल लाइन वाया मैनपुरी जोड़ने का प्रस्ताव है। इसका सर्वे गोरखपुर मुख्यालय स्तर से हो रहा है। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ।
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एटा और कासगंज मुख्यालय रेल ट्रैक से नहीं जुड़ पा रहा है। लंबे समय से लोग इस ट्रैक को जोड़ने की मांग कर रहे हैं। हालांकि मौजूदा सांसद राजवीर सिंह ने कई बार प्रधानमंत्री और रेलमंत्री को पत्र लिखकर इस ट्रैक को जोड़ने का अनुरोध किया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। इधर एटा के रेल विस्तार को लेकर अब एक नई योजना तैयार हुई है। एटा को मैनपुरी से जोड़ते हुए सीधे कन्नौज तक नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे शुरू कराया गया है। जबकि यदि कन्नौज को वाया कासगंज एटा से जोड़ा जाता तो रेल विस्तार और भी बढ़ गया होता। क्योंकि कासगंज से एटा के बीच रेल ट्रैक बिछाने के लिए पूर्व में हुए सर्वे के अनुसार मात्र 28 किलोमीटर तक की दूरी है। जबकि कासगंज से कन्नौज तक रेल ट्रैक बिछा हुआ है। इधर नए सर्वे में भी कासगंज से एटा ट्रैक न जुड़ने से लोगों में मायूसी है।
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आरओआर में लटका पूर्व का सर्वे
पूर्व में रेलवे द्वारा निजी एजेंसी से कासगंज एटा के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे करा लिया गया था। लगभग 5 वर्ष पूर्व हुआ यह सर्वे आरओआर(रिटर्न ऑफ रेट) में लटका हुआ है। पूर्व में सर्वे हुआ तो लोगों में उम्मीद जगी थी, लेकिन पूर्व के सर्वे की पत्रावली भी दफन नजर आ रही है।
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आंकड़े की नजर से-
- 28 किलोमीटर एटा-कासगंज रेल लाइन को पूर्व में मिली थी मंजूरी।
- 276 करोड़ रुपये से एटा-कासगंज के बीच रेल लाइन विस्तार का सर्वे के बाद रखा गया था प्रस्ताव।
वर्जन-
- एटा-कासगंज रेल लाइन का पूर्व में सर्वे हुआ था, लेकिन अब कोई नया दिशा-निर्देश नहीं मिला है। कन्नौज के गुरसहायगंज से एटा तक रेल लाइन वाया मैनपुरी जोड़ने का प्रस्ताव है। इसका सर्वे गोरखपुर मुख्यालय स्तर से हो रहा है। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ।