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बिना यूनीफॉर्म के टिकट चेकिंग कर रहे परीक्षक से यात्रियों की कहासुनी, हंगामा
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कासगंज। रेलवे स्टेशन पर नियमविरुद्ध बिना यूनिफॉर्म के टिकट चेकिंग कर रहे परीक्षक से यात्रियों की कहासुनी हो गई। काफी देर तक कासगंज स्टेशन पर हंगामा हुआ। मौके पर पहुंची जीआरपी ने यात्रियों का समझाया विवाद की जानकारी होने पर रेलवे के उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है। जीआरपी ने टिकट परीक्षकों से सहयोग मांगा है कि वह यूनिफॉर्म में चेकिंग करें। जिससे कि विवाद न हो सके।
मामला शुक्रवार देर रात का है। कानपुर की ओर से आने वाली छपरा-मथुरा एवं बांद्रा-एक्सप्रेस सहित कुछ ट्रेनें स्टेशन पर पहुंची। कुछ ही समय के अंतराल में यह ट्रेनें स्टेशन पर पहुंची तो यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। यहां यात्रा कर लौट रहे यात्री विकास कुमार, रविंद्र सिंह सहित कुछ अन्य यात्रियों से साधा ड्रेस में चेकिंग कर रहे एक व्यक्ति ने यात्रा का टिकट मांगा। यात्रियों का आरोप है कि उसने अपना नाम अवधेश कुमार बताया। कहा कि वह टिकट परीक्षक है। इस पर यात्रियों ने कहा कि कैसे माना जाए कि वह टिकट परीक्षक है।
क्योंकि नियम के अनुसार नेम प्लेट लगी निर्धारित ड्रेस में ही टिकट परीक्षक टिकट चेकिंग कर सकता है। इसी बात पर यात्रियों और टिकट परीक्षक के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने लगा तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस एवं अन्य यात्रियों ने टिकट परीक्षक और यात्रियों को समझा बुझाकर मामला शांत कर दिया। यात्रियों ने शिकायत रेलवे के उच्चाधिकारियों से की। उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए यात्रियों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। टिकट परीक्षक अवधेश कुमार का कहना है कि टिकट परीक्षण का अधिकार है। देर रात कुछ यात्री बेवजह विवाद कर रहे थे। यात्रियों ने अपना टिकट दिखाया। उसके बाद उन्हें जाने दिया। सफेद शर्ट और काली पेंट में चेकिंग कर रहे थे। परिचय पत्र भी यात्रियों को दिखाया।
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मामला शुक्रवार देर रात का है। कानपुर की ओर से आने वाली छपरा-मथुरा एवं बांद्रा-एक्सप्रेस सहित कुछ ट्रेनें स्टेशन पर पहुंची। कुछ ही समय के अंतराल में यह ट्रेनें स्टेशन पर पहुंची तो यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। यहां यात्रा कर लौट रहे यात्री विकास कुमार, रविंद्र सिंह सहित कुछ अन्य यात्रियों से साधा ड्रेस में चेकिंग कर रहे एक व्यक्ति ने यात्रा का टिकट मांगा। यात्रियों का आरोप है कि उसने अपना नाम अवधेश कुमार बताया। कहा कि वह टिकट परीक्षक है। इस पर यात्रियों ने कहा कि कैसे माना जाए कि वह टिकट परीक्षक है।
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क्योंकि नियम के अनुसार नेम प्लेट लगी निर्धारित ड्रेस में ही टिकट परीक्षक टिकट चेकिंग कर सकता है। इसी बात पर यात्रियों और टिकट परीक्षक के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने लगा तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस एवं अन्य यात्रियों ने टिकट परीक्षक और यात्रियों को समझा बुझाकर मामला शांत कर दिया। यात्रियों ने शिकायत रेलवे के उच्चाधिकारियों से की। उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए यात्रियों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। टिकट परीक्षक अवधेश कुमार का कहना है कि टिकट परीक्षण का अधिकार है। देर रात कुछ यात्री बेवजह विवाद कर रहे थे। यात्रियों ने अपना टिकट दिखाया। उसके बाद उन्हें जाने दिया। सफेद शर्ट और काली पेंट में चेकिंग कर रहे थे। परिचय पत्र भी यात्रियों को दिखाया।
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