{"_id":"69f1897d718320318a0b51ca","slug":"traffic-violations-rise-yet-no-driving-license-cancellation-in-a-year-raises-concerns-2026-04-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: सड़कों पर बेखौफ नियम तोड़ रहे लोग, RTO ने एक भी लाइसेंस नहीं कर सका निरस्त; वजह जान रह जाएंगे हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: सड़कों पर बेखौफ नियम तोड़ रहे लोग, RTO ने एक भी लाइसेंस नहीं कर सका निरस्त; वजह जान रह जाएंगे हैरान
Wed, 29 Apr 2026 10:00 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 29 Apr 2026 10:00 AM IST
सार
आगरा में यातायात नियम तोड़ने के बावजूद पिछले एक साल में किसी भी ड्राइविंग लाइसेंस को निरस्त नहीं किया गया है। आरटीओ केवल निलंबन की कार्रवाई तक सीमित है, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
विज्ञापन
आगरा आरटीओ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में हर रोज हजारों लोग यातायात नियमों को तोड़ते हैं फिर भी ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई नहीं होती है। पिछले एक वर्ष में कोई भी लाइसेंस निरस्त नहीं हुआ है। संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई करता है। ऐसे में हादसे रोकना चुनौती बनता जा रहा है।
विज्ञापन
यातायात नियम तोड़ने पर जुर्माने की रकम अधिक कर दी गई लेकिन कार्रवाई के नाम पर सख्ती नजर नहीं आती है। संभागीय परिवहन विभाग में एक भी मामला ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने का नहीं है। जबकि तीन बार लगातार चालान होने पर लाइसेंस निरस्त करने का दावा किया जाता है। हेलमेट, सीट बेल्ट, रेड लाइट आदि मामलों में कोई न कोई हर रोज यातायात नियम तोड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन मामलों में चालान भी किए जाते हैं लेकिन आरटीओ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई तक सीमित रहता है। हर माह विभाग के पास 40 से 50 मामले ड्राइविंग लाइसेंस पर कार्रवाई के आते हैं। इन सभी को तीन माह के लिए निलंबित किया जाता है। इसकी एक वजह लाइसेंस निरस्त करने की लंबी प्रक्रिया होना भी है। इस वजह से यातायात नियम तोड़ने वालों में कार्रवाई का भय लगातार कम हो रहा है।
एक साल में 177 और तीन माह में 117
संभागीय परिवहन विभाग के रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो ड्राइविंग लाइसेंस पर कार्रवाई की सच्चाई सामने आती है। वर्ष 2025 में विभाग की तरफ से 177 और एक जनवरी से 31 मार्च 26 तक 117 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। लाइसेंस निलंबन का समय तीन माह तक रहता है। इसके बाद चालक दोबारा से ड्राइविंग लाइसेंस का प्रयोग कर सकता है।
संभागीय परिवहन विभाग के रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो ड्राइविंग लाइसेंस पर कार्रवाई की सच्चाई सामने आती है। वर्ष 2025 में विभाग की तरफ से 177 और एक जनवरी से 31 मार्च 26 तक 117 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। लाइसेंस निलंबन का समय तीन माह तक रहता है। इसके बाद चालक दोबारा से ड्राइविंग लाइसेंस का प्रयोग कर सकता है।
आसान नहीं निरस्त करना
ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करना आरटीओ अधिकारियों के लिए आसान नहीं है। नियम के हिसाब से पहले लाइसेंस धारक को तीन नोटिस जारी करने होते हैं। इस दौरान वह जवाब दाखिल कर देता है, तो आरटीओ या उप परिवहन आयुक्त के समक्ष सुनवाई होती है। इस प्रक्रिया में एक साल से भी अधिक का समय लग जाता है। इसके अलावा जिस व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस एक बार निरस्त हो जाता है, वह दोबारा लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करना आरटीओ अधिकारियों के लिए आसान नहीं है। नियम के हिसाब से पहले लाइसेंस धारक को तीन नोटिस जारी करने होते हैं। इस दौरान वह जवाब दाखिल कर देता है, तो आरटीओ या उप परिवहन आयुक्त के समक्ष सुनवाई होती है। इस प्रक्रिया में एक साल से भी अधिक का समय लग जाता है। इसके अलावा जिस व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस एक बार निरस्त हो जाता है, वह दोबारा लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं कर सकता है।
लंबी प्रक्रिया से बचते हैं
आरआई संजीत सिंह ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई लंबी होती है। इसलिए निलंबन की कार्रवाई की जाती है। किसी भी व्यक्ति का तीन बार लगातार चालान होने के मामले भी बहुत कम आते हैं।
आरआई संजीत सिंह ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई लंबी होती है। इसलिए निलंबन की कार्रवाई की जाती है। किसी भी व्यक्ति का तीन बार लगातार चालान होने के मामले भी बहुत कम आते हैं।