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डीएफसीसी के कॉरिडोर पर ट्रैक मरम्मत का कार्य जारी
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न्यू भदान-जसवंत नगर रेलखंड पर ट्रैक मरम्मत कार्य में जुटे रेलकर्मी
- फोटो : TUNDLA
टूंडला (फिरोजाबाद)। उड़ीसा जा रही मालगाड़ी के बेपटरी होने के 24 घंटे बाद भी ट्रैक की मरम्मत का कार्य जारी है। घटना में क्षतिग्रस्त ओएचई पोल, सिग्नल, ट्रैक को भी ठीक किया जा रहा है। हादसे और मरम्मत कार्य का डीएफसीसी के अधिकारी लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। वहीं एआरटी की टीमें भी घटनास्थल पर मरम्मत के कार्य में जुटी हैं।
उड़ीसा जा रही मालगाड़ी के 17 डिब्बे सोमवार शाम डीएफसीसी पर न्यू भदान और इटावा बीच पटरी से उतर गए थे। घटना में डीएफसीसी के ट्रैक एवं ओएचई खंबे, सिग्नल आदि को काफी नुकसान पहुंचा है। डीएफसीसी के अधिकारियों ने ट्रैक से मालगाड़ी के डिब्बे हटवाने एवं अन्य कार्य के लिए टूंडला, आगरा व कानपुर से दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) की तीन टीमों की मदद ली थी।
इसके चलते तीनों टीमों की मदद से सोमवार देररात तक मालगाड़ी के डिब्बों को ट्रैक से हटवाया गया था। अब लगातार ट्रैक मेंटीनेंस का कार्य जारी है। पिछले 24 घंटे से भी अधिक समय बाद भी क्षतिग्रस्त रेलट्रैक सुचारु नहीं हो सका है। इसके चलते फ्रेट कोरिडोर पर अभी तक ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। रेलवे ने घटना की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
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पोल से स्लीपर टकराना भी हो सकता है हादसे का कारण
टूंडला। रेल सूत्रों के मुताबिक घटना के पीछे के कारणों को जानने के लिए टीम गठित कर दी गई है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि ट्रेन में लदे स्लीपरों का पोल से टकराना भी घटना का कारण हो सकता है।
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उड़ीसा जा रही मालगाड़ी के 17 डिब्बे सोमवार शाम डीएफसीसी पर न्यू भदान और इटावा बीच पटरी से उतर गए थे। घटना में डीएफसीसी के ट्रैक एवं ओएचई खंबे, सिग्नल आदि को काफी नुकसान पहुंचा है। डीएफसीसी के अधिकारियों ने ट्रैक से मालगाड़ी के डिब्बे हटवाने एवं अन्य कार्य के लिए टूंडला, आगरा व कानपुर से दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) की तीन टीमों की मदद ली थी।
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इसके चलते तीनों टीमों की मदद से सोमवार देररात तक मालगाड़ी के डिब्बों को ट्रैक से हटवाया गया था। अब लगातार ट्रैक मेंटीनेंस का कार्य जारी है। पिछले 24 घंटे से भी अधिक समय बाद भी क्षतिग्रस्त रेलट्रैक सुचारु नहीं हो सका है। इसके चलते फ्रेट कोरिडोर पर अभी तक ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। रेलवे ने घटना की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
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पोल से स्लीपर टकराना भी हो सकता है हादसे का कारण
टूंडला। रेल सूत्रों के मुताबिक घटना के पीछे के कारणों को जानने के लिए टीम गठित कर दी गई है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि ट्रेन में लदे स्लीपरों का पोल से टकराना भी घटना का कारण हो सकता है।