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Agra: आगरा किला में छह फीट का अजगर, देखकर पर्यटक हुए भयभीत, वाइल्डलाइफ की टीम ने किया रेस्क्यू
Fri, 13 Dec 2024 09:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 13 Dec 2024 09:48 AM IST
सार
आगरा किले में छह फीट के अजगर को देख पर्यटक भयभीत हो गए। सूचना पर पहुंची वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने इस अजगर को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा।
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अजगर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा किले में बृहस्पतिवार को विद्युत खंभे के पास करीब 6 फीट लंबा अजगर देख पर्यटक भयभीत हो गए। वाइल्ड लाइफ एसओएस को सूचना दी गई। टीम ने अजगर को रेस्क्यू कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वापस जंगल में छोड़ दिया।
परिसर में लगे लाइट पोल के पास अजगर देखा गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत अधिकारियों को बताया। वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पांस यूनिट के दो सदस्य पहुंचे। अजगर के आसपास से पर्यटकों को दूर किया। इसके बाद अजगर को रेस्क्यू कर कपड़े के थैले में भर लिया। चिकित्सकीय परीक्षण में अजगर को स्वस्थ पाया गया।
इस नंबर पर दें सूचना
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने लोगों से आग्रह किया है कि किसी भी जंगली जानवर या जीव को मारें नहीं बल्कि हमारी क्विक रिस्पांस टीम को मोबाइल नंबर 9917109666 पर सूचित करें।
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फाउंड्री नगर में भी दिखा
डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एमवी ने बताया अन्य घटना में, टीम ने आठ फीट लंबे अजगर को फाउंड्री नगर इलाके में स्थित एक डीजल इंजन और स्पेयर पार्ट्स निर्माण और निर्यात कारखाने से रेस्क्यू किया था। उसे भी जंगल में छोड़ दिया गया है।
विषैले नहीं होते भारतीय रॉक पायथन
वाइल्ड लाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि इंडियन रॉक पायथन (अजगर) एक गैर विषैले सांप की प्रजाति है। वे मुख्य रूप से छोटे जानवर, चमगादड़, पक्षियों, छछूंदर, हिरण और जंगली सूअर को अपना आहार बनाते हैं। आमतौर पर भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका के जंगलों में पाए जाते हैं। इस प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत संरक्षित किया गया है।
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परिसर में लगे लाइट पोल के पास अजगर देखा गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत अधिकारियों को बताया। वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पांस यूनिट के दो सदस्य पहुंचे। अजगर के आसपास से पर्यटकों को दूर किया। इसके बाद अजगर को रेस्क्यू कर कपड़े के थैले में भर लिया। चिकित्सकीय परीक्षण में अजगर को स्वस्थ पाया गया।
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इस नंबर पर दें सूचना
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने लोगों से आग्रह किया है कि किसी भी जंगली जानवर या जीव को मारें नहीं बल्कि हमारी क्विक रिस्पांस टीम को मोबाइल नंबर 9917109666 पर सूचित करें।
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फाउंड्री नगर में भी दिखा
डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एमवी ने बताया अन्य घटना में, टीम ने आठ फीट लंबे अजगर को फाउंड्री नगर इलाके में स्थित एक डीजल इंजन और स्पेयर पार्ट्स निर्माण और निर्यात कारखाने से रेस्क्यू किया था। उसे भी जंगल में छोड़ दिया गया है।
विषैले नहीं होते भारतीय रॉक पायथन
वाइल्ड लाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि इंडियन रॉक पायथन (अजगर) एक गैर विषैले सांप की प्रजाति है। वे मुख्य रूप से छोटे जानवर, चमगादड़, पक्षियों, छछूंदर, हिरण और जंगली सूअर को अपना आहार बनाते हैं। आमतौर पर भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका के जंगलों में पाए जाते हैं। इस प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के तहत संरक्षित किया गया है।