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ताजगंज प्रोजेक्ट पर धब्बा लगा रहा टोरंट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Oct 2016 01:00 AM IST
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सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन और डीएम के आदेश पर भी न हटाए बिजली के खंभे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘ताजगंज प्रोजेक्ट’ में टोरंट पावर धब्बा लगा रही है। 197 करोड़ रुपये की इस योजना में 14.42 करोड़ रुपये लेने के बाद भी टोरंट पावर ने ताजगंज में अधूरे काम किए हैं, जिससे न केवल ताजगंज प्रोजेक्ट लेट हो गया, बल्कि ताजगंज के सुंदरीकरण में बिजली के खंभे दाग की तरह से नजर आ रहे हैं। बिजली की लाइनें अंडरग्राउंड करने के बाद भी टोरंट ने दक्षिणी गेट पर खंभे नहीं हटाए हैं, जबकि पर्यटन सचिव एवं महानिदेशक नवनीत सहगल और डीएम खंभे हटाने के आदेश कई बार दे चुके हैं।
ताजमहल के पास ताजगंज में 197 करोड़ रुपये की लागत से ताजगंज प्रोजेक्ट के जरिए क्षेत्र की तस्वीर बदलने की कवायद की जा रही है। राजकीय निर्माण निगम ने ताजगंज, ताज पूर्वी और पश्चिमी गेट पर बिजली की लाइनें अंडरग्राउंड करने को 14.42 करोड़ रुपये टोरंट पावर को दे दिए थे। टोरंट को ओवरहेड तारों को अंडरग्राउंड करना था, लेकिन कंपनी ने डक्ट बनने के बाद पहले तो देरी की, उसके बाद मानकों के उलट अंडरग्राउंड लाइन करने से हर दिन फाल्ट हो रहे हैं। इन फाल्ट को ठीक करने के लिए ताजगंज में टोरंट को कई जगह खोदाई करनी पड़ी तो निर्माण निगम ने 60 हजार रुपये का डेमरेज चार्ज भेज दिया। अब तक राजकीय निर्माण निगम का काम पूरा होने को है तो ओवरहेड बिजली के तारों के लिए लगाए गए खंभे तक टोरंट नहीं हटा सका है। इससे एक रंग में रंगे गए ताजगंज पर न केवल धब्बे लग रहे हैं, बल्कि इससे ताजगंज की गलियां भी सकरी हो गई हैं। ताजगंज दक्षिणी गेट पर खंभों पर लाइटें नहीं हैं, लेकिन कंपनी इन्हें हटवा नहीं रही।
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ताजमहल के पास ताजगंज में 197 करोड़ रुपये की लागत से ताजगंज प्रोजेक्ट के जरिए क्षेत्र की तस्वीर बदलने की कवायद की जा रही है। राजकीय निर्माण निगम ने ताजगंज, ताज पूर्वी और पश्चिमी गेट पर बिजली की लाइनें अंडरग्राउंड करने को 14.42 करोड़ रुपये टोरंट पावर को दे दिए थे। टोरंट को ओवरहेड तारों को अंडरग्राउंड करना था, लेकिन कंपनी ने डक्ट बनने के बाद पहले तो देरी की, उसके बाद मानकों के उलट अंडरग्राउंड लाइन करने से हर दिन फाल्ट हो रहे हैं। इन फाल्ट को ठीक करने के लिए ताजगंज में टोरंट को कई जगह खोदाई करनी पड़ी तो निर्माण निगम ने 60 हजार रुपये का डेमरेज चार्ज भेज दिया। अब तक राजकीय निर्माण निगम का काम पूरा होने को है तो ओवरहेड बिजली के तारों के लिए लगाए गए खंभे तक टोरंट नहीं हटा सका है। इससे एक रंग में रंगे गए ताजगंज पर न केवल धब्बे लग रहे हैं, बल्कि इससे ताजगंज की गलियां भी सकरी हो गई हैं। ताजगंज दक्षिणी गेट पर खंभों पर लाइटें नहीं हैं, लेकिन कंपनी इन्हें हटवा नहीं रही।
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