आगरा: 95 लाख की चरस के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, नेपाल-अफगानिस्तान से जुड़े तस्करी के तार
आगरा पुलिस और कानपुर एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 19 किलो चरस बरामद हुई है, जिसकी कीमत 95 लाख रुपये बताई गई है।
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नेपाल से बिहार होते हुए चरस की तस्करी बसों में आगरा और आसपास के जिलों में तस्कर कर रहे हैं। 95 लाख की चरस शनिवार रात को आगरा लाई गई थी। एसटीएफ और छत्ता पुलिस ने वाटर वर्क्स पर बस को रोककर दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में डिलीवरी लेने आया युवक भी पकड़ा गया। उनसे 18.980 किलोग्राम चरस बरामद कर ली गई। पुलिस चरस भेजने वाले नेपाल के सरगना के बारे में जानकारी जुटा रही है।
एसपी प्रोटोकॉल शिवराम यादव ने बताया कि नेपाल से चरस की तस्करी हो रही है। बिहार, गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर होते हुए आगरा लाई जा रही है। आरोपियों में फिरोजाबाद के रामगढ़ स्थित मदीना कालोनी निवासी इंतजार, बिहार के मोतीहारी में मौजा रकसौल निवासी कृष्णा कुमार और आदित्य कुमार शाह हैं। तस्करों से 18.980 किलोग्राम चरस बरामद हुआ।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेजा
आरोपियों से रोडवेज की चार टिकट, 1150 रुपये और एक मोबाइल की भी बरमादगी की गई। चरस की कीमत अंतराष्ट्रीय बाजार में 95 लाख रुपये है। आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है। पुलिस टीम में थाना छत्ता के प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह, एसटीएफ कानपुर यूनिट के निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह, थाना छत्ता के एसआई शैलेंद्र सिंह चौहान, सिपाही प्रदीप शामिल रहे।
अन्य तस्कर बस में सफर करते हैं, जिससे पुलिस पकड़ न सकें। खुद को यात्री की तरह दर्शाते हैं। बैग भी छोटे होते हैं। गोरखपुर, लखनऊ के रास्ते आगरा और उसके आसपास के जिलों में चरस की सप्लाई की जाती है। चरस ले जाने के बाद गैंग के सदस्य फुटकर में बिक्री करते हैं।