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किशोरी का अपहरण करने में तीन लोगों को चार साल की सजा
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मैनपुरी। थाना कुर्रा क्षेत्र में 14 साल पहले किशोरी का अपहरण करने वाले तीन लोगों को एफटीसी प्रथम की जज निधि ने चार साल की सजा सुनाई है। उन पर छह छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना कुर्रा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी तीन मई 1997 को लेखराजपुर विद्यालय से पेपर देकर सहेलियों के साथ घर जा रही थी। रास्ते में घेरकर रामबिकेश, राजेश निवासी फकैता थाना बिछवां, उपेंद्र निवासी नगला पट्टी थाना कुर्रा ने किशोरी का अपहरण कर लिया। पिता ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करके तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज निधि कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने तीनों केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर उनको किशोरी का अपहरण करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने दुष्कर्मी उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम की जज निधि ने उनको चार चार साल की सजा सुनाकर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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शादी से मना करने पर किया अपहरण
किशोरी के पिता ने उसकी शादी रामबिकेश निवासी फकैता के साथ तय की थी। 27 अप्रैल 1997 को जब किशोरी के पिता अपने परिवार वालों के साथ लगुन चढ़ाने फकैता गए तो रामबिकेश का चाल चलन सही नहीं होने की बात ग्रामीणों ने बताई। जिस पर किशोरी के पिता ने लगुन नहीं चढ़ाकर शादी करने से ही मना कर दिया।
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किशोरी की गवाही पर हुई सजा
किशोरी ने अदालत में रामबिकेश सहित तीनों की पहचान करके उनके खिलाफ अपहरण करने की गवाही दी। उसने अदालत में बताया कि रामबिकेश ने अपने साथियों की मदद से उसका अपहरण किया। अपहरण करने के बाद उसको धमकी दी अब वह किशोरी का भविष्य खराब कर देगा। जिससे उसकी शादी कहीं और न हो सके। किशोरी की गवाही पर ही तीनों को एफटीसी जज प्रथम ने सजा सुनाई है।
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थाना कुर्रा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी तीन मई 1997 को लेखराजपुर विद्यालय से पेपर देकर सहेलियों के साथ घर जा रही थी। रास्ते में घेरकर रामबिकेश, राजेश निवासी फकैता थाना बिछवां, उपेंद्र निवासी नगला पट्टी थाना कुर्रा ने किशोरी का अपहरण कर लिया। पिता ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करके तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज निधि कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, किशोरी सहित गवाहों ने तीनों केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर उनको किशोरी का अपहरण करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने दुष्कर्मी उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम की जज निधि ने उनको चार चार साल की सजा सुनाकर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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शादी से मना करने पर किया अपहरण
किशोरी के पिता ने उसकी शादी रामबिकेश निवासी फकैता के साथ तय की थी। 27 अप्रैल 1997 को जब किशोरी के पिता अपने परिवार वालों के साथ लगुन चढ़ाने फकैता गए तो रामबिकेश का चाल चलन सही नहीं होने की बात ग्रामीणों ने बताई। जिस पर किशोरी के पिता ने लगुन नहीं चढ़ाकर शादी करने से ही मना कर दिया।
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किशोरी की गवाही पर हुई सजा
किशोरी ने अदालत में रामबिकेश सहित तीनों की पहचान करके उनके खिलाफ अपहरण करने की गवाही दी। उसने अदालत में बताया कि रामबिकेश ने अपने साथियों की मदद से उसका अपहरण किया। अपहरण करने के बाद उसको धमकी दी अब वह किशोरी का भविष्य खराब कर देगा। जिससे उसकी शादी कहीं और न हो सके। किशोरी की गवाही पर ही तीनों को एफटीसी जज प्रथम ने सजा सुनाई है।