{"_id":"6a3c41d8b599f9cc50038af6","slug":"three-people-including-the-shooter-arrested-following-an-encounter-for-shooting-a-shopkeeper-agra-news-c-25-1-agr1034-1093152-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: दुकानदार को गोली मारने में शूटर सहित तीन मुठभेड़ में गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: दुकानदार को गोली मारने में शूटर सहित तीन मुठभेड़ में गिरफ्तार
विज्ञापन
मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी को ले जाती पुलिस
आगरा। राजपुर चुंगी के श्यामलाल मार्ग पर दुकानदार गाैरव राठाैर को गोली मारने के मामले में पुलिस ने बुधवार रात को शूटर सहित तीन आरोपियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। शूटर जिम्मी चाैधरी ने पुलिस को भी निशाना बनाया मगर पुलिस ने जवाब में गोली चलाईं। इस पर वो पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके साथ ही दुकानदार की हत्या की सुपारी देने के आरोप में ताजगंज निवासी पूर्व पार्षद सुनील राठाैर और उसके साथी ककरैठा निवासी दिनेश शर्मा को गिरफ्तार किया है। अभी दो आरोपी भागे हुए हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगी है।
घटना 21 जून की रात को हुई थी। गाैरव राठाैर की परचून की दुकान है। रात 9:57 बजे वो दुकान पर बैठे हुए थे। तभी बाइक पर दो युवक आए। हेलमेट पहने हमलावर ने गाैरव को गोली मारी थी। वह उसे पकड़ने के लिए भी दाैड़े थे। हमलावर कई गोली चलाने के बाद भाग निकले थे। पुलिस को घटना का सीसीटीवी फुटेज मिला था। इसके बाद आरोपियों की तलाश की गई। एडीसीपी हिमांशु गाैरव ने बताया कि गौरव की अधिवक्ता बहन संगीता का अपने रिश्तेदारों से प्लाॅट का विवाद चल रहा है। संगीता को शक था कि ताजगंज का रहने वाला सुनील राठाैर उनकी मदद करता है। सुनील ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि संगीता ने उसकी एक बिल्डिंग पर एडीए में शिकायत कर सील लगवा दी थी। इस पर वर्ष 2008 के मामले में कोर्ट से वारंट जारी करा दिए थे। इस कारण सुनील को एक अप्रैल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जेल में ही सुनील की मुलाकात रणजीत और आवास विकास काॅलोनी निवासी जिम्मी चाैधरी से हुई। उसने संगीता के परिवार को धमकाने के लिए बात की। जिम्मी और रणजीत तैयार हो गए।
सुपारी की रकम से बेटी को दिलाना चाहता था एडमिशन
35 दिन बाद सुनील राठाैर जमानत पर बाहर आ गया। बाद में रंजीत भी छूट गया। रंजीत की बेटी पढ़ाई कर रही है। उसके बीटेक में एडमिशन के लिए रुपयों की जरूरत थी। घटना से चार दिन पहले जिम्मी जेल से बाहर आया। बृहस्पतिवार को रंजीत और जिम्मी सुनील के घर पहुंचे। तीनों ने गौरव पर हमले की योजना बनाई। 1.50 लाख रुपये में गोली मारकर घायल करने की बात तय हुई। सुनील ने 30 हजार रुपये एडवांस के ताैर पर दिए। बाइक रकम 1.20 लाख रुपये काम होने के बाद देना तय हुआ। अपने साथ दिनेश शर्मा और एक अन्य सोनू को भी ले लिया। घटना वाले दिन बाइक से सोनू और जिम्मी, जबकि स्कूटी से दिनेश और रंजीत पहुंचे। जिम्मी ने घटना को अंजाम दिया। बाकी लोग मदद के लिए खड़े रहे। पुलिस ने वाहनों के नंबर से मालिकों के बारे में जानकारी की। घटना से पहले ही सुनील उत्तराखंड में धार्मिक यात्रा पर चला गया, जिससे कोई शक न करे। जिम्मी पर सिकंदरा, जगदीशपुरा में गैंगस्टर सहित कई मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना 21 जून की रात को हुई थी। गाैरव राठाैर की परचून की दुकान है। रात 9:57 बजे वो दुकान पर बैठे हुए थे। तभी बाइक पर दो युवक आए। हेलमेट पहने हमलावर ने गाैरव को गोली मारी थी। वह उसे पकड़ने के लिए भी दाैड़े थे। हमलावर कई गोली चलाने के बाद भाग निकले थे। पुलिस को घटना का सीसीटीवी फुटेज मिला था। इसके बाद आरोपियों की तलाश की गई। एडीसीपी हिमांशु गाैरव ने बताया कि गौरव की अधिवक्ता बहन संगीता का अपने रिश्तेदारों से प्लाॅट का विवाद चल रहा है। संगीता को शक था कि ताजगंज का रहने वाला सुनील राठाैर उनकी मदद करता है। सुनील ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि संगीता ने उसकी एक बिल्डिंग पर एडीए में शिकायत कर सील लगवा दी थी। इस पर वर्ष 2008 के मामले में कोर्ट से वारंट जारी करा दिए थे। इस कारण सुनील को एक अप्रैल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जेल में ही सुनील की मुलाकात रणजीत और आवास विकास काॅलोनी निवासी जिम्मी चाैधरी से हुई। उसने संगीता के परिवार को धमकाने के लिए बात की। जिम्मी और रणजीत तैयार हो गए।
विज्ञापन
सुपारी की रकम से बेटी को दिलाना चाहता था एडमिशन
35 दिन बाद सुनील राठाैर जमानत पर बाहर आ गया। बाद में रंजीत भी छूट गया। रंजीत की बेटी पढ़ाई कर रही है। उसके बीटेक में एडमिशन के लिए रुपयों की जरूरत थी। घटना से चार दिन पहले जिम्मी जेल से बाहर आया। बृहस्पतिवार को रंजीत और जिम्मी सुनील के घर पहुंचे। तीनों ने गौरव पर हमले की योजना बनाई। 1.50 लाख रुपये में गोली मारकर घायल करने की बात तय हुई। सुनील ने 30 हजार रुपये एडवांस के ताैर पर दिए। बाइक रकम 1.20 लाख रुपये काम होने के बाद देना तय हुआ। अपने साथ दिनेश शर्मा और एक अन्य सोनू को भी ले लिया। घटना वाले दिन बाइक से सोनू और जिम्मी, जबकि स्कूटी से दिनेश और रंजीत पहुंचे। जिम्मी ने घटना को अंजाम दिया। बाकी लोग मदद के लिए खड़े रहे। पुलिस ने वाहनों के नंबर से मालिकों के बारे में जानकारी की। घटना से पहले ही सुनील उत्तराखंड में धार्मिक यात्रा पर चला गया, जिससे कोई शक न करे। जिम्मी पर सिकंदरा, जगदीशपुरा में गैंगस्टर सहित कई मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन