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Agra News: महिला अधिवक्ता से मारपीट में दरोगा समेत तीन लाइन हाजिर
Mon, 04 May 2026 02:33 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 04 May 2026 02:33 AM IST
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आगरा। पीड़ित की पैरवी करने थाने पहुंची महिला अधिवक्ता से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने लोहामंडी थाने के दरोगा समेत तीन को लाइन हाजिर किया है। न्यायालय को भेजी रिपोर्ट में उन्होंने पुलिसकर्मियों को अनुशासनहीनता का दोषी बताया है।
मंटोला थाना क्षेत्र की महिला अधिवक्ता 11 मार्च को एक मारपीट के मामले में पीड़ित के साथ लाेहामंडी थाने में तहरीर देने गई थी। महिला का आरोप है कि थाने में दरोगा अनुज मिश्रा, हेड कांस्टेबल उस्मान और सिपाही मुनेंद्र ने मामले को उलझाने का प्रयास किया। उन्होंने विरोध किया तो अभद्रता की। बहन वीडियो बनाने लगी तो माेबाइल छीन लिया और उसका हाथ मोड़ दिया। उनके साथ मारपीट की गई और दोनों बहनों को गलत तरीके से छुआ गया।
रात 12 बजे तक उन्हें थाने में बिठाए रखा गया। अगले दिन उन्होंने थाने के गेट पर धरना दिया। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास से रिपोर्ट मांगी। डीसीपी सिटी ने न्यायालय को भेजी रिपोर्ट में बताया कि महिला अधिवक्ता वादी के साथ आई थीं। उन्होंने आवेश में तेज आवाज में बात की और वीडियो बनाना शुरू किया।
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सीसीटीवी में महिला अधिवक्ता को स्पर्श करने, मोबाइल छीनने और छेड़छाड़ जैसा कुछ नहीं दिखा। पुलिसकर्मियों की ओर से थाना प्रभारी के समक्ष अधिवक्ता से गलत टिप्पणी की गई। महिला अधिवक्ता के वादी के साथ आने की बात जीडी में दर्ज नहीं की गई। डीजीपी के निर्देशों के अनुसार महिला आगंतुक की बात सुनकर उनकी समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके चलते तीनों को लाइन हाजिर किया गया है।
महिला अधिवक्ता ने लगाए आरोप
महिला अधिवक्ता ने आराेप लगाया है कि पुलिस अधिकारी लगातार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। न्यायालय में मांग करेंगी कि सीसीटीवी की डीवीआर और घटना से संबंधित वीडियो न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। उन्हें लगातार मामले को निपटाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कुछ लोग प्रलोभन भी दे रहे हैं। वह किसी कीमत पर समझौता नहीं करेंगी।
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मंटोला थाना क्षेत्र की महिला अधिवक्ता 11 मार्च को एक मारपीट के मामले में पीड़ित के साथ लाेहामंडी थाने में तहरीर देने गई थी। महिला का आरोप है कि थाने में दरोगा अनुज मिश्रा, हेड कांस्टेबल उस्मान और सिपाही मुनेंद्र ने मामले को उलझाने का प्रयास किया। उन्होंने विरोध किया तो अभद्रता की। बहन वीडियो बनाने लगी तो माेबाइल छीन लिया और उसका हाथ मोड़ दिया। उनके साथ मारपीट की गई और दोनों बहनों को गलत तरीके से छुआ गया।
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रात 12 बजे तक उन्हें थाने में बिठाए रखा गया। अगले दिन उन्होंने थाने के गेट पर धरना दिया। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास से रिपोर्ट मांगी। डीसीपी सिटी ने न्यायालय को भेजी रिपोर्ट में बताया कि महिला अधिवक्ता वादी के साथ आई थीं। उन्होंने आवेश में तेज आवाज में बात की और वीडियो बनाना शुरू किया।
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सीसीटीवी में महिला अधिवक्ता को स्पर्श करने, मोबाइल छीनने और छेड़छाड़ जैसा कुछ नहीं दिखा। पुलिसकर्मियों की ओर से थाना प्रभारी के समक्ष अधिवक्ता से गलत टिप्पणी की गई। महिला अधिवक्ता के वादी के साथ आने की बात जीडी में दर्ज नहीं की गई। डीजीपी के निर्देशों के अनुसार महिला आगंतुक की बात सुनकर उनकी समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके चलते तीनों को लाइन हाजिर किया गया है।
महिला अधिवक्ता ने लगाए आरोप
महिला अधिवक्ता ने आराेप लगाया है कि पुलिस अधिकारी लगातार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। न्यायालय में मांग करेंगी कि सीसीटीवी की डीवीआर और घटना से संबंधित वीडियो न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। उन्हें लगातार मामले को निपटाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कुछ लोग प्रलोभन भी दे रहे हैं। वह किसी कीमत पर समझौता नहीं करेंगी।