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बिजलीघर में फटा ट्रांसफार्मर, जेई समेत 3 की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 01 May 2017 12:15 AM IST
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ट्रांसफार्मर फटने से तीन की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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ताजगंज, नगला पैमा के 132 केवी भीमनगरी सब स्टेशन में ट्रांसफार्मर फटने से जूनियर इंजीनियर किशन सिंह यादव समेत तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो ठेकेदार के कर्मचारी थे। इनमें से एक नगला भोजा, बरहन निवासी विक्रम (20) बताया जा रहा है। दूसरे की पहचान नहीं हो पाई है। हादसे में बुरी तरह झुलसे लाइनमैन को उपचार के लिए दिल्ली रेफर किया गया है। हादसा रविवार को दिन में लगभग 10.55 बजे ट्रांसफार्मर का फ्यूज लगाने के दौरान हुआ।
जूनियर इंजीनियर यादव, लाइनमैन हरिप्रसाद और सब स्टेशन के मेंटेनेंस ठेकेदार श्याम के दो कर्मचारी 250 केवीए स्टेशन ट्रांसफार्मर का फ्यूज ठीक करने के बाद उसे चार्ज कर रहे थे। चारों ट्रांसफार्मर के पास खड़े थे। तभी ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ फट गया। ट्रांसफार्मर के तेल के साथ चारों लोग लपटों में घिर गए। मदद के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद स्टेशन सर्विस ऑफिसर एसके कुनाल ने जेई और लाइनमैन पर रेत डालकर आग बुझाने की कोशिश की।
पास ही मंदिर परिसर में हैंडपंप के लिए बोरिंग कर रहे मजदूर भी मंदिर में रखी रजाई और कंबल लेकर मदद को दौड़े। चीखपुकार सुनकर चंद कदमों की दूरी पर स्थित सीआईएसएफ के जवान अपने क्वार्टरों से निकल आए। वे भी बचाव में जुट गए। आग पर काबू पाने के बाद चारों को गंभीर हालत में सीआईएसएफ के वाहन से फतेहाबाद रोड स्थित अस्पताल ले जाया गया। वहां ठेकेदार के दो कर्मचारियों को मृत घोषित कर दिया।
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जेई और लाइनमैन को इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया। यहां उपचार के दौरान जेई की भी मौत हो गई। उत्तर प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीटीसीएल) के मुख्य अभियंता अशोक सक्सेना ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। कर्मचारियों के अभाव में सब स्टेशन के मेंटेनेंस का ठेका राधानगर, सिकंदरा निवासी श्याम को दिया गया है।
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जूनियर इंजीनियर यादव, लाइनमैन हरिप्रसाद और सब स्टेशन के मेंटेनेंस ठेकेदार श्याम के दो कर्मचारी 250 केवीए स्टेशन ट्रांसफार्मर का फ्यूज ठीक करने के बाद उसे चार्ज कर रहे थे। चारों ट्रांसफार्मर के पास खड़े थे। तभी ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ फट गया। ट्रांसफार्मर के तेल के साथ चारों लोग लपटों में घिर गए। मदद के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद स्टेशन सर्विस ऑफिसर एसके कुनाल ने जेई और लाइनमैन पर रेत डालकर आग बुझाने की कोशिश की।
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पास ही मंदिर परिसर में हैंडपंप के लिए बोरिंग कर रहे मजदूर भी मंदिर में रखी रजाई और कंबल लेकर मदद को दौड़े। चीखपुकार सुनकर चंद कदमों की दूरी पर स्थित सीआईएसएफ के जवान अपने क्वार्टरों से निकल आए। वे भी बचाव में जुट गए। आग पर काबू पाने के बाद चारों को गंभीर हालत में सीआईएसएफ के वाहन से फतेहाबाद रोड स्थित अस्पताल ले जाया गया। वहां ठेकेदार के दो कर्मचारियों को मृत घोषित कर दिया।
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जेई और लाइनमैन को इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया। यहां उपचार के दौरान जेई की भी मौत हो गई। उत्तर प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीटीसीएल) के मुख्य अभियंता अशोक सक्सेना ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। कर्मचारियों के अभाव में सब स्टेशन के मेंटेनेंस का ठेका राधानगर, सिकंदरा निवासी श्याम को दिया गया है।
लापरवाही भी कम नहीं
चार जिंदगियां मदद के लिए 20 मिनट तक छटपटाती रहीं
- फोटो : अमर उजाला
भीमनगरी सब स्टेशन का ट्रांसफार्मर यूं ही नहीं फटा। इसके रखरखाव में हद दर्ज की लापरवाही बरती जा रही थी। तकनीकी रूप से इसमें तमाम खामियां थीं।
सूत्रों की मानें तो 250 केवीए का ट्रांसफार्मर काफी कमजोर था। इसमें न तो प्रोडक्शन रिले थी और न ही प्रोडक्शन ब्रेकर, जिससे कि ट्रांसफार्मर को फटने से रोका जा सके।
भीमनगरी सब स्टेशन पर आग की लपटों में घिरी चार जिंदगियां मदद के लिए 20 मिनट तक छटपटाती रहीं। बीहड़ में बने सब स्टेशन में जान बचाने के लिए चारों इधर-उधर भाग रहे थे।
आसपास के लोग जब तक मदद के लिए आए, तब तक चारों बुरी तरह जल चुके थे। अंदर से जैसे-तैसे अग्निशमन यंत्र बाहर निकाले गए, लेकिन जंग लगे होने के कारण चल नहीं सके। रेत डालने के लिए बाल्टी उठाई गई, तो वह टूटी हुई थी।
सूत्रों की मानें तो 250 केवीए का ट्रांसफार्मर काफी कमजोर था। इसमें न तो प्रोडक्शन रिले थी और न ही प्रोडक्शन ब्रेकर, जिससे कि ट्रांसफार्मर को फटने से रोका जा सके।
भीमनगरी सब स्टेशन पर आग की लपटों में घिरी चार जिंदगियां मदद के लिए 20 मिनट तक छटपटाती रहीं। बीहड़ में बने सब स्टेशन में जान बचाने के लिए चारों इधर-उधर भाग रहे थे।
आसपास के लोग जब तक मदद के लिए आए, तब तक चारों बुरी तरह जल चुके थे। अंदर से जैसे-तैसे अग्निशमन यंत्र बाहर निकाले गए, लेकिन जंग लगे होने के कारण चल नहीं सके। रेत डालने के लिए बाल्टी उठाई गई, तो वह टूटी हुई थी।