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गोदाम में सड़ रहा हजारों टन गेहूं

Mon, 29 Jun 2015 02:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Mon, 29 Jun 2015 02:20 AM IST
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Thousands of tons of wheat rotting in the warehouse
 बेमौसम बरसात और भारी ओलावृष्टि से खेतों में बर्बाद हुई फसल के बाद जो थोड़ा-बहुत गेहूं निकला है वह अब अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते आरएफसी के गोदाम में सड़ रहा है। खुले आसमान के नीचे रखा यह हजारों टन गेहूं बारिश में दो बार भीग चुका है। बोरियां फट गई हैं, गेहूं के दाने फर्श पर बिखरे पड़े हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद अभी तक व्यवस्था सुधारी नहीं गई है।
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रीजनल फूड कारपोरेशन के फाउंड्री नगर और रुनकता में दो गोदाम हैं। यहां भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से आया गेहूं रखा जाता है। जिसे बाद में मंडल भर के राशन डीलरों को सप्लाई किया जाता है। राशन की दुकान से यह गेहूं गरीबों के घर तक पहुंचता है। फाउंड्री नगर गोदाम की हालात तो कुछ ठीक है, लेकिन रुकनता के गोदाम में बेपरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की वजह से गेहूं सड़ रहा है।
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टिन शेड की क्षमता इतनी नहीं है कि गेहूं की बोरियां उनमें समा सकें। इसके चलते हजारों की संख्या में गेहूं की बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं। चूहों के नोचने के चलते बोरियां फट गईं हैं और गेहूं फैल रहा है। इसमें घुन लगा रहा है। गेहूं काला पड़ने लगा है। पिछले दिनों हुई बरसात में गेहूं भीग चुका है। अब मानसून ने दस्तक दे दी है। बावजूद इसके अधिकारी नींद में हैं। हालात ये हैं कि गेहूं की बोरियों के जो ढेर लगे हैं, उन्हें तिरपाल से ढका तक नहीं गया है। खाद्यान्न ऐसे स्थान पर रखा है कि जहां बरसात होने पर टिन शेड से गिरने वाला पानी सीधे बोरियों पर ही गिरता है। गोदाम में चारों ओर कीचड़ का आलम है।
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इनसेट
सड़ गया लाखों रुपये का बारदाना
गोदाम में केवल गेहूं नहीं सड़ रहा है बल्कि प्रति वर्ष खाद्यान्न खरीद को जो वारदाना (बोरियां) लाई जाती हैं वे भी खुले में पड़ी हैं। जबकि इन बोरियों को सुरक्षित रूप से टिन शेड में रखा जाना चाहिए था। लेकिन गोदाम के कर्मचारियों ने बोरियों के हजारों बंडल खुले में डाल दिए हैं, बारिश होने पर बोरियां भीग कर सड़ चुकी हैं। सूत्रों की मानें तो प्रतिवर्ष कई लाख रुपये का वारदाना इसी तरह से सड़ा दिया जाता है। इसे कोई देखने वाला नहीं है।

इनसेट
गरीबों की सेहत से खिलवाड़
जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह की मानें तो कई राशन डीलर खराब खाद्यान्न आने की शिकायत कर चुके हैं। लोहामंडी क्षेत्र में भीगा हुआ गेहूं पहुंचा है। जबकि शासनादेश है कि भीगा, घुन लगा हुआ, पही लगा हुआ, काला पड़ा हुआ और भीग कर सिकड़ चुके गेहूं की सप्लाई किसी भी दशा में नहीं की जाएगी। ऐसे गेहूं को खाने से लोग बीमार हो सकते हैं। यदि किसी को कोई बीमारी हो जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। इसकी शिकायत संभागीय खाद्य अधिकारी से की गई है। राशन डीलरों का कहना है कि वजन बढ़ाने के लिए जानबूझकर भीगा हुआ गेहूं दिया जाता है। लेकिन उपभोक्ता ऐेसे गेहूं को लेता नहीं है।


वर्जन
रुनकता स्थित गोदाम के संबंध में शिकायतें मिली हैं। एडीएम नागरिक आपूर्ति ने भी गोदाम के इंचार्ज और कर्मचारियों की शिकायत की है। वहां अनियमितताएं हैं। इसके लिए जांच समिति गठित कर दी गई है। जल्द ही दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फाउंड्री नगर स्थित गोदाम की दशा में सुधार है। रुनकता के गोदाम में भी जल्द सुधार नजर आएगा।
सीपी सिंह, आरएफसी
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