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सीवेज से गैस-डीजल बनाएगा नगर निगम, यमुना प्रदूषण रोकने का ये प्लान
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 17 May 2017 08:40 PM IST
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आगरा नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
यदि सब कुछ ठीक रहा तो अब शहर का सीवेज यमुना नदी में सीधा नहीं जाएगा। नगर निगम विदेशी तकनीकी का प्रयोग कर सीवेज का ट्रीटमेंट कर उससे गैस और डीजल बनाने का काम शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए एक कंपनी शुक्रवार को नगर निगम में प्रजेंटेशन देगी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और यमुना एक्शन प्लान पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद सीवेज का ट्रीटमेंट नहीं हो पा रहा है। ना ही सीवर लाइन चोक की समस्या से शहर को छुटकारा मिला है। एसटीपी कारगर नहीं रही हैं। जलकल विभाग और जल निगम हर मोर्चे पर फेल साबित हो रहा है।
शहर का गंदा पानी सीधे यमुना में गिर रहा है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नगर निगम अब नया प्रयोग करने जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, एक कंपनी जो इंदौर सहित कई शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट का कार्य कर रही है उसके साथ करार करने की तैयारी है। यह कंपनी सीवेज में कुछ केमिकलों का प्रयोग कर गैस, डीजल बनाने के साथ उसके सॉलिड वेस्ट से खाद बनाती है।
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कंपनी के प्रतिनिधि संभवत: शुक्रवार को नगर निगम में तकनीकी का प्रजेंटेशन देंगे। उसके बाद गुण-दोष का अध्ययन कर कंपनी के साथ करार किया जाएगा। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान का कहना है कि सीवेज टीट्रमेंट के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। कंपनी के प्रजेंटेशन के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और यमुना एक्शन प्लान पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद सीवेज का ट्रीटमेंट नहीं हो पा रहा है। ना ही सीवर लाइन चोक की समस्या से शहर को छुटकारा मिला है। एसटीपी कारगर नहीं रही हैं। जलकल विभाग और जल निगम हर मोर्चे पर फेल साबित हो रहा है।
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शहर का गंदा पानी सीधे यमुना में गिर रहा है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नगर निगम अब नया प्रयोग करने जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, एक कंपनी जो इंदौर सहित कई शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट का कार्य कर रही है उसके साथ करार करने की तैयारी है। यह कंपनी सीवेज में कुछ केमिकलों का प्रयोग कर गैस, डीजल बनाने के साथ उसके सॉलिड वेस्ट से खाद बनाती है।
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कंपनी के प्रतिनिधि संभवत: शुक्रवार को नगर निगम में तकनीकी का प्रजेंटेशन देंगे। उसके बाद गुण-दोष का अध्ययन कर कंपनी के साथ करार किया जाएगा। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान का कहना है कि सीवेज टीट्रमेंट के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। कंपनी के प्रजेंटेशन के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।