राहत: मैनपुरी के 39 बर्खास्त शिक्षकों को मिलेगा वेतन, दोबारा कार्यभार ग्रहण कराने का आदेश निरस्त
दिवाली से पहले फर्जी प्रमाणपत्र मामले में बर्खास्त शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन शिक्षकों को जुलाई माह से वेतन जारी करने के आदेश दिए गए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच सूची में शामिल डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी प्रमाणपत्र मामले में बर्खास्त शिक्षकों को दोबारा कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा। बुधवार को दिन में बीएसए द्वारा जारी किया गया आदेश रात को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से वार्ता के बाद रद्द कर दिया गया।
अब फर्जी डिग्री धारक शिक्षकों को बिना कार्यभार ग्रहण किए ही एक जुलाई से वेतन प्रदान किया जाएगा। रात में ही बीएसए ने संशोधित आदेश जारी कर खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
दोबारा कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा
एसआईटी सूची में शामिल फर्जी बीएड डिग्री धारक 44 शिक्षकों में से 39 को बुधवार की दोपहर बीएसए ने पत्र जारी कर पुन:कार्यभार ग्रहण कराने और एक जुलाई से वेतन जारी करने के आदेश खंड शिक्षाधिकारियों को दिए थे। देर रात सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने बीएसए को साथ वर्चुअल बैठक की, जिसमें निर्देश दिए गए कि बर्खास्त शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में उन्हें बिना कार्यभार ग्रहण कराए ही एक जुलाई 2021 से वेतन जारी किया जाए। सचिव से वार्ता के बाद रात करीब 11:30 बजे बीएसए ने बुधवार को दिन में जारी किए गए अपने आदेश को निरस्त कर दिया।
बीएसए ने रात में जारी किए पत्र में खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश दिए कि बीएड की फर्जी डिग्री धारक 39 शिक्षकों को बिना कार्यभार ग्रहण कराए ही एक जुलाई से वेतन जारी करने की कार्रवाई की जाए। कार्रवाई से उन्हें अवगत भी कराया जाए।
वर्चुअल बैठक में काफी देर तक हुई चर्चा
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार बुधवार की रात सचिव बेसिक शिक्षा परिषद और प्रदेश के बेसिक शिक्षाधिकारियों के बीच बर्खास्त शिक्षकों को वेतन जारी करने और पुन:कार्यभार ग्रहण कराने को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई।
बेसिक शिक्षाधिकारियों का कहना था कि बना कार्यभार ग्रहण कराए किस आधार पर वेतन जारी किया जाए। लगभग एक घंटे की चर्चा के बाद सचिव ने आदेश दिए कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कार्यभार ग्रहण कराने की बात नहीं कही है, केवल एक जुलाई से वेतन जारी करने की बात कही गई है।
बीएसए कमल सिंह ने बताया कि देर रात सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से हुई बात के बाद निर्णय लिया गया है कि फर्जी बीएड डिग्री सूची में शामिल शिक्षकों को बिना कार्यभार ग्रहण कराए ही एक जुलाई से वेतन जारी किया जाए। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।