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Agra News: ग्रामीण न्यायालय में चार माह से नहीं है ग्राम न्याय अधिकारी

Wed, 21 Feb 2024 11:01 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Wed, 21 Feb 2024 11:01 PM IST
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There is no Village Justice Officer in the Rural Court for four months
पटियाली (कासगंज)। तहसील परिसर स्थित ग्रामीण न्यायालय में बीते चार माह से ग्राम न्याय अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। जिससे वादकारी परेशान हो रहे हैं। उनको न्यायालय से तारीखें दे दी जाती हैं। अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायाधीश से मिलकर समस्या रखी।
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ग्रामीण न्यायालय के ग्राम न्याय अधिकारी आशीष कंबुज का 20 नवंबर 2023 को शामली स्थानांतरण हो गया। इसके बाद से आज तक ग्रामीण न्यायालय में जज की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ग्राम न्यायालय में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वादकारी इस उम्मीद से पहुंचते हैं कि उनके केसों की सुनवाई होगी, लेकिन उस समय वे मायूस हो जाते हैं जब ग्रामीण न्यायालय के पेशकार उनको आगे की तिथि दे देते हैं। एडवोकेट शिवेंद्र कुमार मिश्रा कहते कि ग्रामीण न्यायालय में जज की नियुक्ति न होने से प्रतिदिन सैकड़ों वादकारी परेशान होते हैं। जनपद न्यायाधीश को समस्या से अवगत कराया जा चुका है। एडवोकेट नाजिम अली ने बताया कि ग्रामीण न्यायालय में जज न होने से गरीब वादकारियोंं का किराया भी बेकार जाता है। एडवोकेट सचिन शर्मा ने दिक्कतों के बारे में बताया। अधिवक्ता उमेश चंद्र कहते हैं कि जज की नियुक्ति न होने से वादकारी इंसाफ के लिए तरस रहे हैं।
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बार एसोसिएशन ने नहीं किया न्यायिक कार्य
कासगंज। बार एसोसिएशन ने जिला न्यायालय के कई न्यायालयों में अव्यवस्थाओं व वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान न होने आदि के मामले को लेकर प्रस्ताव पारित किया और कई न्यायालयों का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि कई अधिवक्ताओं के बैठने के फर्नीचर को हटवा दिया गया है। अधिवक्ताओं ने इस बात की भी चिंता जाहिर की कि न्यायालय में अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश शर्मा व महासचिव चेतन चौहान ने कहा कि अधिवक्ता बहिष्कार वाले न्यायालयों में कार्य न करें। बार एसोसिएशन के द्वारा पारित किए गए प्रस्ताव को उच्चाधिकारियों को भी भेजा गया है। बैठक के दौरान कोषाध्यक्ष चूड़ामणि सिंह, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष कैलाश राजपूत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सगर, उपाध्यक्ष राहत हुसैन, अभिषेक कुमार शर्मा, मुमताज अहमद, रिषिपाल, केशव मिश्रा सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
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