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Agra News: जिला अस्पताल में थायराइड की जांच के इंतजाम नहीं
Thu, 27 Apr 2023 10:13 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 27 Apr 2023 10:13 PM IST
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कासगंज। जिले में थायराइड की बीमारी तेजी से पांव पसार रही है। बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैँ। लेकिन जिला अस्पताल पर आज तक इस बीमारी का पता लगाने के लिए जांच के इंतजाम नहीं है। बाजार में इसकी जांच काफी महंगी है। जांच के लिए 400 रुपये तक मरीज को खर्च करने पड़ जाते हैं।
जिले को गठित हुए डेढ़ दशक का समय हो चुुका है, लेकिन चिकित्सा के क्षेत्र में आज भी तमाम ऐसे संसाधन हैं जिनकी पूर्ति आज तक नहीं हो सकी है। जिसके चलते मरीजों को परेशान होना पड़ता है। बदलते खान पान के असर से लोग थायराइड बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, जिला अस्पताल पर ही महीन में ऐसे 30 से 40 मरीज पहुंचते है, लेकिन जिला अस्पताल पर ऐसे मरीजों की जांच नहीं हो पाती।
मानव के स्वस्थ जीवन में थायराइड ग्रंथि का अहम स्थान है। यह शरीर की कई जरूरी गतिविधियों को नियंत्रित करती है। यह ग्रंथि टी 3 और टी 4 थायरॉक्सिन हार्मोंन का निर्माण करती है जो कि सांस, ह्रदय गति, पाचन तंत्र और शरीर के तापमान पर सीधा असर करती है। साथ ही यह हड्डियों, मांसपेशियों व कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करती हैं। थायराइड ग्रंथि से बनने वाले थाइराक्सिन हार्मोन से शरीर की एनर्जी, प्रोटीन उत्पादन और दूसरे हार्मोन्स के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है। जब शरीर में ये हार्मोंस असंतुलित हो जाते हैं, तो वजन कम या ज्यादा होने लगता है। यह एक साइलेंट किलर बीमारी है। इसके लक्षण फौरन सामने नहीं आते हैं।
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चिकित्सकों का मानना है कि इसके लक्षणों को नजरअंदाज करने पर ये जानलेवा साबित हो सकती है। थायराइड के लक्षण दिखने पर फौरन डॉक्टर को दिखाना चाहिए, क्योंकि यह बीमारी बिगड़ने पर शरीर पर घातक असर करती है। इस बीमारी से बचने के लिए फाइबर युक्त भोजन लेना चाहिए।
थायराइड के लक्षण
- वजन घटना
-अनिंद्रा की समस्या
- ज्यादा प्यास लगना
-अधिक पसीना आना
-हाथ कांपना
-दिल तेजी से धड़कना
-कमजोरी और चिंता
-थकान, कब्ज और त्वचा में रुखापन,
- मांसपेशी, जोड़ों में दर्द
जिला अस्पताल पर अभी थायराइड की जांच के इंतजाम नहीं है। इस जांच की व्यवस्था के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इस जांच के इंतजाम होने की संभावना है। अस्पताल पर एक माह में 30 से 40 मरीज तक इस समय आते हैं- डा. संजीव सक्सेना सीएमएस
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जिले को गठित हुए डेढ़ दशक का समय हो चुुका है, लेकिन चिकित्सा के क्षेत्र में आज भी तमाम ऐसे संसाधन हैं जिनकी पूर्ति आज तक नहीं हो सकी है। जिसके चलते मरीजों को परेशान होना पड़ता है। बदलते खान पान के असर से लोग थायराइड बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, जिला अस्पताल पर ही महीन में ऐसे 30 से 40 मरीज पहुंचते है, लेकिन जिला अस्पताल पर ऐसे मरीजों की जांच नहीं हो पाती।
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मानव के स्वस्थ जीवन में थायराइड ग्रंथि का अहम स्थान है। यह शरीर की कई जरूरी गतिविधियों को नियंत्रित करती है। यह ग्रंथि टी 3 और टी 4 थायरॉक्सिन हार्मोंन का निर्माण करती है जो कि सांस, ह्रदय गति, पाचन तंत्र और शरीर के तापमान पर सीधा असर करती है। साथ ही यह हड्डियों, मांसपेशियों व कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करती हैं। थायराइड ग्रंथि से बनने वाले थाइराक्सिन हार्मोन से शरीर की एनर्जी, प्रोटीन उत्पादन और दूसरे हार्मोन्स के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है। जब शरीर में ये हार्मोंस असंतुलित हो जाते हैं, तो वजन कम या ज्यादा होने लगता है। यह एक साइलेंट किलर बीमारी है। इसके लक्षण फौरन सामने नहीं आते हैं।
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चिकित्सकों का मानना है कि इसके लक्षणों को नजरअंदाज करने पर ये जानलेवा साबित हो सकती है। थायराइड के लक्षण दिखने पर फौरन डॉक्टर को दिखाना चाहिए, क्योंकि यह बीमारी बिगड़ने पर शरीर पर घातक असर करती है। इस बीमारी से बचने के लिए फाइबर युक्त भोजन लेना चाहिए।
थायराइड के लक्षण
- वजन घटना
-अनिंद्रा की समस्या
- ज्यादा प्यास लगना
-अधिक पसीना आना
-हाथ कांपना
-दिल तेजी से धड़कना
-कमजोरी और चिंता
-थकान, कब्ज और त्वचा में रुखापन,
- मांसपेशी, जोड़ों में दर्द
जिला अस्पताल पर अभी थायराइड की जांच के इंतजाम नहीं है। इस जांच की व्यवस्था के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इस जांच के इंतजाम होने की संभावना है। अस्पताल पर एक माह में 30 से 40 मरीज तक इस समय आते हैं- डा. संजीव सक्सेना सीएमएस