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चोरी की बिजली से रोशन सपा के गढ़
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 09 Jan 2015 02:28 AM IST
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सूबे की सत्ता पर काबिज समाजवादी पार्टी के गढ़ चोरी की बिजली से रोशन हैं। सपा समर्थक माने जाने वाले जिलों में मैनपुरी बिजली चोरी में अव्वल है तो कन्नौज दूसरे, इटावा तीसरे और फीरोजाबाद चौथे स्थान पर है। यहां बिजली का स्विच सत्ता के हाथों में तो है ही, बिजली चोरी पर भी खुली छूट है। सपा मुखिया के गृह क्षेत्र इटावा का वितरण खंड-2 पूरे दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) क्षेत्र में सबसे ज्यादा 58 प्रतिशत तक बिजली चोरी कर रहा है।
12 जनवरी से पूरे प्रदेश में बिजली चोरी रोकने का अभियान चलने वाला है, लेकिन प्रशासन, पुलिस के साथ विद्युत विभाग के अफसरों को बिजली चोरी रोकने में सबसे ज्यादा मुश्किलें सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में आएंगी, जहां पूरे डीवीवीएनएल क्षेत्र में सबसे ज्यादा चोरी हो रही है। विद्युत विभाग के इंजीनियरों के मुताबिक लाइन लॉस महज 5-7 फीसदी तक नेटवर्क के कारण होता है। बाकी पूरा आंकड़ा बिजली चोरी का है। मैनपुरी, कन्नौज, फीरोजाबाद में सपा मुखिया के परिवार के सदस्य सांसद हैं तो इटावा सपा मुखिया का गृह जनपद।
डीवीवीएनएल के तहत 21 जिलों में सपा से जुड़े जिले ही चोरी में सबसे आगे हैं। यही नहीं, इन जिलों में बिजली की आपूर्ति भी अन्य जिलों के मुकाबले ज्यादा है। दक्षिणांचल क्षेत्र में आगरा के बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बिजली इटावा को दी गई, जबकि बिल सबसे कम वसूला जा सका। इटावा को 945 मिलियन यूनिट तो फीरोजाबाद को 814 और मैनपुरी को 743 मिलियन यूनिट दी गई।
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डिवीजन/जोन लाइन लॉस
मैनपुरी 42.2
कन्नौज 42.1
इटावा 41.7
फीरोजाबाद 38
उरई 38
महोबा 37.5
फर्रूखाबाद 36.4
हाथरस 36
ललितपुर 34
मथुरा 33
झांसी 32.7
अलीगढ़ 32
चित्रकूट 30
बांदा 26
आगरा 25
एटा 24.5
औरेया 22.8
हमीरपुर 18.4
इटावा डिवीजन-2 में सबसे ज्यादा चोरी
विद्युत वितरण खंड-2 इटावा में पूरे दक्षिणांचल क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। सपा मुखिया के गृह क्षेत्र में लाइन लॉस का आंकड़ा 58 प्रतिशत है। डिवीजन के कई इलाकों में 80 फीसदी तक चोरी हो रही है। हैरतअंगेज यह कि बिजली भी इटावा के इसी खंड को सबसे ज्यादा दी जा रही है। यहां साल 2014 में कुल 380 मिलियन यूनिट बिजली दी गई, जबकि बिल महज 160 मिलियन यूनिट का ही वसूला जा सका। साल 2013 में तो हालात और खराब थे। तब लाइन लॉस 65.5 फीसदी था और 363 मिलियन यूनिट में से केवल 125 मिलियन यूनिट का ही भुगतान मिला।
अभियान में बिजली चोरी पर जीरो टालरेंस की नीति रहेगी। सबसे ज्यादा लाइन लॉस वाले फीडरों को चिह्नित करके पहले चेतावनी दी जाएगी। कनेक्शन न लेने पर चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।
प्रभु नारायण सिंह, एमडी, डीवीवीएनएल
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12 जनवरी से पूरे प्रदेश में बिजली चोरी रोकने का अभियान चलने वाला है, लेकिन प्रशासन, पुलिस के साथ विद्युत विभाग के अफसरों को बिजली चोरी रोकने में सबसे ज्यादा मुश्किलें सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में आएंगी, जहां पूरे डीवीवीएनएल क्षेत्र में सबसे ज्यादा चोरी हो रही है। विद्युत विभाग के इंजीनियरों के मुताबिक लाइन लॉस महज 5-7 फीसदी तक नेटवर्क के कारण होता है। बाकी पूरा आंकड़ा बिजली चोरी का है। मैनपुरी, कन्नौज, फीरोजाबाद में सपा मुखिया के परिवार के सदस्य सांसद हैं तो इटावा सपा मुखिया का गृह जनपद।
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डीवीवीएनएल के तहत 21 जिलों में सपा से जुड़े जिले ही चोरी में सबसे आगे हैं। यही नहीं, इन जिलों में बिजली की आपूर्ति भी अन्य जिलों के मुकाबले ज्यादा है। दक्षिणांचल क्षेत्र में आगरा के बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा बिजली इटावा को दी गई, जबकि बिल सबसे कम वसूला जा सका। इटावा को 945 मिलियन यूनिट तो फीरोजाबाद को 814 और मैनपुरी को 743 मिलियन यूनिट दी गई।
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डिवीजन/जोन लाइन लॉस
मैनपुरी 42.2
कन्नौज 42.1
इटावा 41.7
फीरोजाबाद 38
उरई 38
महोबा 37.5
फर्रूखाबाद 36.4
हाथरस 36
ललितपुर 34
मथुरा 33
झांसी 32.7
अलीगढ़ 32
चित्रकूट 30
बांदा 26
आगरा 25
एटा 24.5
औरेया 22.8
हमीरपुर 18.4
इटावा डिवीजन-2 में सबसे ज्यादा चोरी
विद्युत वितरण खंड-2 इटावा में पूरे दक्षिणांचल क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली चोरी हो रही है। सपा मुखिया के गृह क्षेत्र में लाइन लॉस का आंकड़ा 58 प्रतिशत है। डिवीजन के कई इलाकों में 80 फीसदी तक चोरी हो रही है। हैरतअंगेज यह कि बिजली भी इटावा के इसी खंड को सबसे ज्यादा दी जा रही है। यहां साल 2014 में कुल 380 मिलियन यूनिट बिजली दी गई, जबकि बिल महज 160 मिलियन यूनिट का ही वसूला जा सका। साल 2013 में तो हालात और खराब थे। तब लाइन लॉस 65.5 फीसदी था और 363 मिलियन यूनिट में से केवल 125 मिलियन यूनिट का ही भुगतान मिला।
अभियान में बिजली चोरी पर जीरो टालरेंस की नीति रहेगी। सबसे ज्यादा लाइन लॉस वाले फीडरों को चिह्नित करके पहले चेतावनी दी जाएगी। कनेक्शन न लेने पर चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।
प्रभु नारायण सिंह, एमडी, डीवीवीएनएल