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Agra News: कर चोरी पकड़ने को ईंट भट्ठों पर हर महीने दस्तक देगा राज्य कर विभाग
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आगरा। कर वसूली बढ़ाने के लिए राज्य कर विभाग के खंड स्तर के अधिकारी आगरा सहित प्रदेश के करीब 19 हजार ईंट भट्ठों पर हर महीने दस्तक देंगे। जीएसटी कानून की धारा 71 के तहत निरीक्षण के दाैरान वहां होने वाले उत्पाद, स्टॉक और बिक्री संबंधी जानकारी जुटाकर भट्ठा मालिकों को बकाया कर चुकाने के लिए जानकारी देंगे। कर चोरी की आशंका के चलते विभाग ने यह फैसला लिया है।
वैट लागू रहने के दौरान राज्य कर विभाग को हर साल ईंट भट्ठों से करीब 650 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था। वस्तु एवं सेवा कर के लागू होने के बाद इस क्षेत्र से होने वाली राजस्व आय 300 करोड़ का भी आंकड़ा पार नहीं कर पा रही थी। स्लैबों में कटौती का सरकारी खजाने पर असर पड़ता देख अब राज्य कर विभाग ने अपने राजस्व के इस बड़े क्षेत्र पर फिर से फोकस किया है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आगरा सहित पूरे प्रदेश में ईंट भट्ठा मालिकों की कमाई तो बढ़ी है लेकिन ज्यादातर भट्ठा मालिक 50 हजार रुपये से भी कम सालाना टैक्स जमा कर रहे हैं। कर चोरी और खजाने को हो रहे नुकसान को पूरा करने के लिए अब हर महीने अधिकारी भट्ठों का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाएंगे।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 पंकज गांधी ने बताया कि जीएसटी कानून की धारा 71 अधिकारियों को करदाताओं के परिसर में निरीक्षण और रिकॉर्ड की जांच करने की अनुमति देती है। अभी तक इसका इस्तेमाल भट्ठों की जांच के लिए नहीं किया जा रहा था। अनुमान से कम टैक्स आने पर राज्य कर आयुक्त ने इस धारा के तहत निरीक्षण के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई विशेष जांच इकाई के सर्वे से इतर होगी। विभाग का लक्ष्य है कि कम से कम वैट के दौरान मिलने वाले 600 करोड़ के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
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आगरा में 80 भट्ठे, कार्रवाई शुरू
एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि आगरा में 80 ईंट भट्ठेे हैं। इनमें से 41 राज्य कर जबकि 39 केंद्रीय जीएसटी विभाग के क्षेत्राधिकार में आते हैं। इसी वजह से विभाग ने अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले भट्ठों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। साथ ही सीजीएसटी के अधिकारियों को शासन से आए निर्देशों की जानकारी देते हुए निरीक्षण के लिए कहा है।
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वैट लागू रहने के दौरान राज्य कर विभाग को हर साल ईंट भट्ठों से करीब 650 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था। वस्तु एवं सेवा कर के लागू होने के बाद इस क्षेत्र से होने वाली राजस्व आय 300 करोड़ का भी आंकड़ा पार नहीं कर पा रही थी। स्लैबों में कटौती का सरकारी खजाने पर असर पड़ता देख अब राज्य कर विभाग ने अपने राजस्व के इस बड़े क्षेत्र पर फिर से फोकस किया है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आगरा सहित पूरे प्रदेश में ईंट भट्ठा मालिकों की कमाई तो बढ़ी है लेकिन ज्यादातर भट्ठा मालिक 50 हजार रुपये से भी कम सालाना टैक्स जमा कर रहे हैं। कर चोरी और खजाने को हो रहे नुकसान को पूरा करने के लिए अब हर महीने अधिकारी भट्ठों का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाएंगे।
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एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 पंकज गांधी ने बताया कि जीएसटी कानून की धारा 71 अधिकारियों को करदाताओं के परिसर में निरीक्षण और रिकॉर्ड की जांच करने की अनुमति देती है। अभी तक इसका इस्तेमाल भट्ठों की जांच के लिए नहीं किया जा रहा था। अनुमान से कम टैक्स आने पर राज्य कर आयुक्त ने इस धारा के तहत निरीक्षण के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई विशेष जांच इकाई के सर्वे से इतर होगी। विभाग का लक्ष्य है कि कम से कम वैट के दौरान मिलने वाले 600 करोड़ के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
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आगरा में 80 भट्ठे, कार्रवाई शुरू
एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि आगरा में 80 ईंट भट्ठेे हैं। इनमें से 41 राज्य कर जबकि 39 केंद्रीय जीएसटी विभाग के क्षेत्राधिकार में आते हैं। इसी वजह से विभाग ने अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले भट्ठों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। साथ ही सीजीएसटी के अधिकारियों को शासन से आए निर्देशों की जानकारी देते हुए निरीक्षण के लिए कहा है।