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कोरोना काल के कारण स्टेडियम है सूना, घर पर ही प्रतिभा निखार रहे खिलाड़ी

Wed, 23 Jun 2021 11:25 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jun 2021 11:25 PM IST
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The stadium is deserted due to the Corona period, players who are improving their talent at home
जलेसर रोड स्थित दाऊ दयाल स्पोर्ट्स स्टेडियम - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। कोरोना काल में स्टेडियम सूना पड़ा हुआ है। दो साल से कोच की तैनाती न होने से खिलाड़ियों की प्रतिभा कुंद होती जा रही है। ओलंपिक में जाने का सपना देख रहे खिलाड़ी खुद की फिटनेस बनाए रखने के लिए घर पर ही प्रैक्टिस कर रहे हैं। विश्व ओलंपिक दिवस पर खिलाड़ियों ने अपनी समस्याओं को साझा किया है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि जनपद में खेल सुविधाएं बेहतर हों तो होनहार देश नहीं दुनिया में भी नाम रोशन करेंगे।
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सुहागनगरी के कई खिलाड़ियों ने पूरे देश, दुनिया में लोहा मनवाया है। मगर सुविधाओं के अभाव के आगे खिलाड़ियों की प्रतिभा कुंद होती जा रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि जनपद में नियमित कोच की तैनाती हो। निश्चित तौर पर खिलाड़ी उभरकर सामने आएं। मगर शासन ने दो साल से कोच की तैनाती नहीं की है।
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क्या कहते हैं खिलाड़ी
गांव तोड़िका निवासी मधु बघेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रसिया सहित कई देशों में जिन्मास्टिक खेल चुकी हैं। वह अब ओलंपिक में जाने की तैयारी कर रही हैं। मधु बघेल कहती हैं कि कोरोना के कारण खिलाड़ियों का बेहद नुकसान हुआ है। स्टेडियम में प्रैक्टिस का मौका नहीं मिला। शासन खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं बढ़ाए तो छोटे शहरों से भी खिलाड़ी ओलंपिक में खेलें।
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- बैंडमिंटन खिलाड़ी अंकित कुमार ने कहा कि बिना कोच के खिलाड़ी का निखरना मुश्किल होता है। मगर यहां दो साल से बैडमिंटन का खिलाड़ी नहीं आया। ऐसे में अपनी कमी और खेलने के बेहतर सुझाव कौन दे। स्टेडियम भी लंबे समय से बंद है। इससे खिलाड़ी अपना खेल बेहतर बनाने के बजाय भूलते जा रहे हैं।

- एथलीट खिलाड़ी सचिन कुमार ने कहा कि बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए कोच चाहिए। मगर अक्सर देखा जाता है कि स्टेडियम के लिए कोच का चयन नहीं होता। यदि कोच आ भी जाते हैं तो दूसरे साल उससे अलग खेल के खिलाड़ी भेज दिए जाते हैं। शासन को खेल की ओर ध्यान देना चाहिए। मेरा सपना है कि मैं ओलंपिक में खेलूं।
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