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Agra News: हालात में नहीं सुधार, कैसे मिले बाल मरीजों को उचित उपचार
Fri, 17 Nov 2023 11:48 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 17 Nov 2023 11:48 PM IST
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मैनपुरी। जिले में भवन के नाम पर अस्पतालों की कोई कमी नहीं है, लेकिन व्यवस्था को बनाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बदलते मौसम के बीच अचानक बाल मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालत सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में दोपहर 2 बजे के बाद बाल मरीजों को उपचार देने के लिए डॉक्टर नहीं होता है। आखिर इन हालातों में किस प्रकार से बाल मरीजों को उचित उपचार मिल सकेगा। अभी तो मौसम में थोड़ा ही सर्दी का असर है। 2 दिन में 3 बाल मरीजों की मौत हो चुकी है।
जिले के सीएचसी और पीएचसी का हाल यह है कि यहां 10 में से 8 पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। अब बात जिला अस्पताल की करें तो यहां डॉ. डीके शाक्य बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में तैनात हैं। इनकी ड्यूटी प्रतिदिन ओपीडी में 8 से 2 बजे तक रहती है। 2 बजे के बाद यहां बाल मरीजों के उपचार के लिए कोई डॉक्टर नहीं मिलता है।
यही हाल 100 शैया अस्पताल का है। यहां 8 बजे से 2 बजे तक बाल रोग कक्ष में डॉक्टर मिलते हैं, लेकिन यदि किसी मरीज के भर्ती कराने की बात आ जाए तो यहां 28 दिन से अधिक उम्र के बच्चों को भर्ती नहीं किया जाता है। इसके चलते बाल मरीजों को लोग जिला अस्पताल ले जाते हैं। यहां भी दोपहर 2 बजे के बाद डॉक्टर न मिलने के कारण लोग बाल मरीजाें को निजी डॉक्टर और झोलाछाप के पास ले जाने को मजबूर हैं।
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जिले के सीएचसी और पीएचसी का हाल यह है कि यहां 10 में से 8 पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। अब बात जिला अस्पताल की करें तो यहां डॉ. डीके शाक्य बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में तैनात हैं। इनकी ड्यूटी प्रतिदिन ओपीडी में 8 से 2 बजे तक रहती है। 2 बजे के बाद यहां बाल मरीजों के उपचार के लिए कोई डॉक्टर नहीं मिलता है।
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यही हाल 100 शैया अस्पताल का है। यहां 8 बजे से 2 बजे तक बाल रोग कक्ष में डॉक्टर मिलते हैं, लेकिन यदि किसी मरीज के भर्ती कराने की बात आ जाए तो यहां 28 दिन से अधिक उम्र के बच्चों को भर्ती नहीं किया जाता है। इसके चलते बाल मरीजों को लोग जिला अस्पताल ले जाते हैं। यहां भी दोपहर 2 बजे के बाद डॉक्टर न मिलने के कारण लोग बाल मरीजाें को निजी डॉक्टर और झोलाछाप के पास ले जाने को मजबूर हैं।
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