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Agra News: मरणोपरांत वसीयतों के पंजीकरण में फंसी सब रजिस्ट्रार की कुर्सी
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आगरा। मरणोपरांत वसीयतों के पंजीकरण में सब रजिस्ट्रार तृतीय की कुर्सी फंस गई है। चार वसीयतों के पंजीयन में गड़बड़ी के आरोप सहायक महानिरीक्षक की जांच में प्रथम दृष्ट्या सही मिले हैं। इनमें पंजीयन की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का उल्लंघन हुआ है। अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन से कुकथला निवासी दिलीप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सब रजिस्ट्रार तृतीय राकेश कुमार यादव के कार्यालय में मरणोपरांत चार वसीयतों का फर्जी पंजीकरण हुआ है। पंजीकरण में शासनादेश और एक्ट का सब रजिस्ट्रार ने पालन नहीं किया। जिलाधिकारी अरविंद बंगारी के निर्देश पर जांच की गई।
सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार ने चारों वसीयतों की फाइल खंगाली। प्रथम दृष्ट्या पंजीयन में लापरवाही सामने आई। उन्होंने बताया कि सब रजिस्ट्रार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
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अति संवेदनशील मामले में लापरवाही
- मरणोपरांत वसीयतों का पंजीकरण अति संवेदनशील माना जाता है। इसके लिए शासन ने एसओपी बना रखी है। चार वसीयतों में एसओपी का उल्लंघन हुआ। सेवा शर्तों के उल्लंघन पर शासन सब रजिस्ट्रार को निलंबित कर सकता है। वहीं, दस्तावेज विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ी संदिग्ध लोगों को बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जाती है।
इन वसीयतों में धांधली की आशंका
- 27 फरवरी 2025 को पंजीकृत विलेख पत्र संख्या 117/2025
- 21 मार्च 2024 को पंजीकृत विलेख पत्र संख्या 148/2024
- 15 जून 2024 को पंजीकृत विलेख पत्र संख्या 326/2024
- 15 जून 2024 को पंजीकृत विलेख पत्र संख्या 327/2024
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प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन से कुकथला निवासी दिलीप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सब रजिस्ट्रार तृतीय राकेश कुमार यादव के कार्यालय में मरणोपरांत चार वसीयतों का फर्जी पंजीकरण हुआ है। पंजीकरण में शासनादेश और एक्ट का सब रजिस्ट्रार ने पालन नहीं किया। जिलाधिकारी अरविंद बंगारी के निर्देश पर जांच की गई।
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सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार ने चारों वसीयतों की फाइल खंगाली। प्रथम दृष्ट्या पंजीयन में लापरवाही सामने आई। उन्होंने बताया कि सब रजिस्ट्रार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी।
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अति संवेदनशील मामले में लापरवाही
- मरणोपरांत वसीयतों का पंजीकरण अति संवेदनशील माना जाता है। इसके लिए शासन ने एसओपी बना रखी है। चार वसीयतों में एसओपी का उल्लंघन हुआ। सेवा शर्तों के उल्लंघन पर शासन सब रजिस्ट्रार को निलंबित कर सकता है। वहीं, दस्तावेज विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ी संदिग्ध लोगों को बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जाती है।
इन वसीयतों में धांधली की आशंका
- 27 फरवरी 2025 को पंजीकृत विलेख पत्र संख्या 117/2025
- 21 मार्च 2024 को पंजीकृत विलेख पत्र संख्या 148/2024
- 15 जून 2024 को पंजीकृत विलेख पत्र संख्या 326/2024
- 15 जून 2024 को पंजीकृत विलेख पत्र संख्या 327/2024