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Agra News: नाम चमकाने के लिए छोटे पड़ रहे शिलापट्ट, माननीय नाराज

Sun, 15 Mar 2026 03:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 03:03 AM IST
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The plaques are falling short to make the name shine, the honorable is angry
सर्किट हाउस में समीक्षा करते नियम पुनरीक्षण समिति सभापति हरि ओम पांडेय स्त्रोत सूचना विभाग - फोटो : सर्किट हाउस में समीक्षा करते नियम पुनरीक्षण समिति सभापति हरि ओम पांडेय स्त्रोत सूचना विभाग
आगरा। विकास कार्यों का श्रेय लेने की होड़ में शामिल माननीयों के लिए शिलापट्ट छोटा पड़ रहा है। उनका नाम नहीं चमक पा रहा। विधान परिषद सदस्यों की आपत्तियां सदन में गूंजी तो शनिवार को नियम पुनरीक्षण समिति ने सर्किट हाउस में अफसरों पर सवालों की बौछार कर दी।
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फिरोजाबाद और आगरा की समीक्षा करने आए सभापति को अधिकारियों ने बताया कि 2025 के नियमों के तहत शिलापट्ट तैयार किए जा रहे हैं। विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति के सभापति हरिओम पांडेय ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से शिलापट्ट पर जवाब-तलब किया। पूछा कि क्या क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों के नाम लिखे जा रहे हैं।
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अधिशासी अभियंता राघवेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक के साथ विधान परिषद सदस्यों के नाम भी लिखवाए जा रहे हैं। सभापति ने कहा फिर आपत्ति क्यों आ रही है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जवाब दिया कि 2025 से पहले के नियम अलग थे। तब विधान परिषद सदस्य का नाम नहीं लिखा जाता था। जिलाधिकारी ने बताया कि शिलापट्ट पर किसी भी अधिकारी का नाम प्रतिबंधित है। सभापति ने कार्य क्षेत्र में आने वाले सभी जनप्रतिनिधियों का नाम लिखे जाने के निर्देश दिए हैं।
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बदल सकता है शिलापट्ट का आकार
अधिशासी अभियंता ने बताया कि वर्तमान में 2 गुणा 3 फीट का शिलापट्ट बन रहा है। स्थान की कमी से सभी माननीयों के नाम स्पष्ट अंकित नहीं हो पाते। इसके संबंध में शासन से सुझाव मांगा जाएगा। शिलापट्ट का आकार बढ़ाने का प्रस्ताव होगा।

गैरहाजिर रहे अफसर, 15 दिन में तलब
फिरोजाबाद और आगरा की समीक्षा में समिति ने विधायक निधि खर्च, माननीयों का प्रोटोकॉल और उनके पत्रों के संबंध में कार्रवाई पर चर्चा की। कई अफसर भी बैठक से गैरहाजिर रहे। जिनके संबंध में 15 दिन में रिपोर्ट लखनऊ तलब की गई। समिति सदस्य डॉ. विक्रांत और ऋषि पाल ने कार्यों की तय समय सीमा का पालन करने के निर्देश दिए।


साइबर क्राइम के मामलों में हो रही रिकवरी
समीक्षा में समिति को बताया गया कि साइबर क्राइम के 500 मामलों के सापेक्ष 40 प्रतिशत में रकम की रिकवरी हो पा रही है। मुख्यमंत्री युवा अभियान में 3000 लक्ष्य के सापेक्ष 2700 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विधायक निधि के 518 प्रस्तावों पर कार्य हुआ है। सभापति ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अस्पतालों में एक्सरे, जांच, जीवन रक्षक प्रणाली सुचारू रखने के निर्देश दिए। पिछले तीन साल की बैठकों का रिकॉर्ड समिति ने मांगा है।
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