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शहर को नई रफ्तार देगा न्यू दक्षिणी बाईपास

Sat, 10 Dec 2016 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आगरा
अमर उजाला ब्यूरो/आगरा Updated Sat, 10 Dec 2016 12:27 AM IST
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The new city will speed new southern bypass
2011 में निर्माण कार्य हुआ था शुरू - फोटो : अमर उजाला
2011 में निर्माण कार्य हुआ था शुरू
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32.8 किलोमीटर है बाईपास की लंबाई
450 करोड़ रुपये है निर्माण की लागत

न्यू दक्षिणी बाईपास शहर को नई रफ्तार देगा। इसके शुरू होने से नेशनल हाईवे-2 जयपुर और ग्वालियर हाईवे से बहुत हद तक जुड़ जाएगा। उत्तरी बाईपास के निर्माण के बाद दिल्ली का ट्रैफिक भी सीधा जयपुर और ग्वालियर जा सकेगा। हालांकि अभी तक कई स्थानों तक कनेक्टिविटी पूरी नहीं हो सकी है लेकिन 32.8 किलोमीटर लंबे इस बाईपास से एमजी रोड-2 से होकर जाने के स्थान पर वाहन मथुरा से सीधे जयपुर की ओर जा सकेंगे।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से रुनकता के नजदीक से न्यू दक्षिणी बाईपास के निर्माण का काम जुलाई 2011 में शुरू हुआ था। 450 करोड़ रुपये की लागत से बने इस बाईपास पर एनएचएआई की टीम कई कटों की कनेक्टिविटी को पूरा कर रही है। इस बाईपास पर एकमात्र टोल प्लाजा रायभा पर होगा। हालांकि अभी तक रोहता की ओर से कई स्थानों पर इसे कनेक्ट नहीं किया जा सका है। दूसरी ओर, महुअर पुल से आगे कुछ हिस्से में भी काम बाकी है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि बाईपास का काम लगभग पूरा हो चुका है। शुक्रवार को भी एनएचएआई की ओर से दक्षिणी बाईपास पर महुअर के पास सड़क बनाने का काम किया जा रहा था। न्यू दक्षिणी बाईपास पर वाहनों का संचालन शुरू होने पर फतेहपुरसीकरी, किरावली, अछनेरा, मलपुरा, इटौरा, ग्वालियर रोड पर बसे दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को भी आवागमन और मंडियों में आने जाने की सहूलियत मिलेगी।
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उत्तरी बाईपास का रास्ता साफ, होंगे कई फायदे
न्यू दक्षिणी बाईपास के साथ रुनकता से उत्तरी बाईपास की योजना का शिलान्यास भी केंद्रीय मंत्री गडकरी शनिवार को करेंगे। 24 किलोमीटर लंबे उत्तरी बाईपास के निर्माण के बाद दिल्ली की ओर से आना वाला ट्रैफिक जयपुर और ग्वालियर हाईवे पर सीधा निकल सकेगा। ये बाईपास अलीगढ़ मार्ग पर यमुना एक्सप्रेस वे के इंटरचेंज तक बनेगा। न्यू दक्षिणी बाईपास से जुड़ने के कारण दोनों बाईपास की एक रिंग बन जाएगी। इसका विस्तार पोइया घाट तक कराए जाने की मांग भी कई संस्थाएं कर चुकी हैं। ट्रांसपोर्ट चेंबर के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि कीठम के पास ट्रांसपोर्ट नगर का प्रस्ताव भी लंबित है। उत्तरी बाईपास के बनने से इसके पास लाजिस्टिक पार्क और ट्रांसपोर्ट नगर बसाए जाएं तो शहर के अंदर से प्रदूषण कम होगा।
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कम होगा प्रदूषण
ताज ट्रिपेजियम जोन में आने के बाद भी ताज नगरी में वायु प्रदूषण का स्तर दिवाली पर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया था। एनजीटी और टीटीजेड के तमाम निर्देशों के बाद भी शहर में प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो सका है। इसका बड़ा कारण शहर से होकर गुजरने वाले तकरीबन पांच हजार भारी वाहन हैं। अगर दिल्ली की ओर से आने वाले पांच हजार वाहनों में ग्वालियर और जयपुर की ओर जाने वाला ट्रैफिक सीधा उत्तरी बाईपास से दक्षिणी बाईपास की ओर गुजर जाएगा तो प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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