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Agra News: मेरठ के इंजीनियर की आत्महत्या का नहीं खुला राज
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आगरा। पंचकुइयां स्थित होटल खूबसरस में मेरठ के इंजीनियर रोहित कुमार का शव सोमवार को फंदे पर लटका मिला था। मंगलवार को मृतक के परिजन आगरा पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद उन्हें साैंप दिया। परिजन ने बताया कि बेटा 10 जुलाई को घर से निकला था। इसके बाद नहीं लाैटा। आत्महत्या का कारण परिजन नहीं बता सके। यह राज ही रह गया। परिजन ने कार्रवाई से भी इन्कार कर दिया।
मेरठ के शिवराम पुरम, गोलाबाद निवासी रोहित कुमार ने आईआईटी मुंबई से पढ़ाई की थी। वह रविवार शाम को होटल में आए थे। कमरा किराये पर लिया था। रात को खाना खाने भी गए। इसके बाद सो गए। साेमवार को काफी देर तक कमरा न खुलने पर होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी थी। कमरा खोला गया तो वह फंदे पर लटके मिले थे। पेन ड्राइव में सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने एक महिला चिकित्सक के नाम का जिक्र करते हुए शव परिजन या किसी परिचित को नहीं देने के लिए कहा था। अस्पताल में दान करने की बात लिखी थी।
एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि मृतक के पिता सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह आए थे। उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि रोहित अक्सर घर से चला जाता था। कई दिन बाद आता था। इस बार 10 जुलाई को घर से निकला था। वापस नहीं आया। उन्हें नहीं पता था कि वो आगरा में है। जिस महिला चिकित्सक का नाम लिखा है, वो उनकी रिश्तेदार है। पुलिस ने उसे बुलाने के लिए कहा। मगर घरवालों ने किसी तरह की कार्रवाई से इन्कार कर दिया। वह शव लेकर चले गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने की वजह से माैत की पुष्टि हुई है।
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मेरठ के शिवराम पुरम, गोलाबाद निवासी रोहित कुमार ने आईआईटी मुंबई से पढ़ाई की थी। वह रविवार शाम को होटल में आए थे। कमरा किराये पर लिया था। रात को खाना खाने भी गए। इसके बाद सो गए। साेमवार को काफी देर तक कमरा न खुलने पर होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी थी। कमरा खोला गया तो वह फंदे पर लटके मिले थे। पेन ड्राइव में सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने एक महिला चिकित्सक के नाम का जिक्र करते हुए शव परिजन या किसी परिचित को नहीं देने के लिए कहा था। अस्पताल में दान करने की बात लिखी थी।
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एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि मृतक के पिता सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह आए थे। उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि रोहित अक्सर घर से चला जाता था। कई दिन बाद आता था। इस बार 10 जुलाई को घर से निकला था। वापस नहीं आया। उन्हें नहीं पता था कि वो आगरा में है। जिस महिला चिकित्सक का नाम लिखा है, वो उनकी रिश्तेदार है। पुलिस ने उसे बुलाने के लिए कहा। मगर घरवालों ने किसी तरह की कार्रवाई से इन्कार कर दिया। वह शव लेकर चले गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने की वजह से माैत की पुष्टि हुई है।
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