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Agra News: गुरु की वाणी से मन में शीतलता प्राप्त होती है
Sun, 03 Dec 2023 05:16 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 03 Dec 2023 05:16 PM IST
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गुरु की वाणी से मन में शीतलता प्राप्त होती है
- निरंकारी सत्संग भवन पर प्रवचन सुनने पहुंचे भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। ज्योंति रोड स्थित निरंकारी सभा भवन पर रविवार को सत्संग हुआ। सत्संग में गुरु गद्दी पर विराजमान संत योगेंद्र ने कहा कि जीवन में विश्वास के आधार पर मंजिल प्राप्त होती है। यहां मौजूद भक्तों ने संकीर्तन भी प्रस्तुत किया।
संत ने कहा कि सतगुरु पर विश्वास प्रबल हो तो मानव का जीवन सहज बन जाता है। गुरु की वाणी पावन होती है इससे मन में शीतलता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि हर चलने वाला मंजिल प्राप्त नहीं करता जो विश्वास के साथ चलता है मंजिल उसी को प्राप्त होती है। संत ने कहा कि जन्म से पहले शरीर नहीं मिलता है जो लोग चलकर आते हैं उन्हें आने का फल भी मिलता है। समय और समझ भाग्यशाली को प्राप्त होता है। भजन से सुकून और सुमरन की प्राप्ति होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को भजन कीर्तन में भाग लेना चाहिए। संत के साथ बिताए हुए क्षण कभी व्यर्थ नहीं जाते। इसलिए संतों को साथ भी जरूरी है। यहां पहुंचे संत इंदल सिंह, गंगा सिंह, महावीर सिंह, राकेश कुमार आदि ने भजन कीर्तन प्रस्तुत किया। संचालन सुरेश यादव ने किया।
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- निरंकारी सत्संग भवन पर प्रवचन सुनने पहुंचे भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। ज्योंति रोड स्थित निरंकारी सभा भवन पर रविवार को सत्संग हुआ। सत्संग में गुरु गद्दी पर विराजमान संत योगेंद्र ने कहा कि जीवन में विश्वास के आधार पर मंजिल प्राप्त होती है। यहां मौजूद भक्तों ने संकीर्तन भी प्रस्तुत किया।
संत ने कहा कि सतगुरु पर विश्वास प्रबल हो तो मानव का जीवन सहज बन जाता है। गुरु की वाणी पावन होती है इससे मन में शीतलता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि हर चलने वाला मंजिल प्राप्त नहीं करता जो विश्वास के साथ चलता है मंजिल उसी को प्राप्त होती है। संत ने कहा कि जन्म से पहले शरीर नहीं मिलता है जो लोग चलकर आते हैं उन्हें आने का फल भी मिलता है। समय और समझ भाग्यशाली को प्राप्त होता है। भजन से सुकून और सुमरन की प्राप्ति होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को भजन कीर्तन में भाग लेना चाहिए। संत के साथ बिताए हुए क्षण कभी व्यर्थ नहीं जाते। इसलिए संतों को साथ भी जरूरी है। यहां पहुंचे संत इंदल सिंह, गंगा सिंह, महावीर सिंह, राकेश कुमार आदि ने भजन कीर्तन प्रस्तुत किया। संचालन सुरेश यादव ने किया।
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