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Agra News: किसानों के मसीहा ने आगरा कॉलेज से की थी पढ़ाई

Sat, 10 Feb 2024 04:02 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 10 Feb 2024 04:02 AM IST
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The messiah of farmers had studied from Agra College
आगरा। केंद्र सरकार ने किसानों के मसीहा चौ. चरण सिंह को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजने की घोषणा की है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहे चौ. चरण सिंह का आगरा से बेहद करीब का नाता रहा है। ठीक 101 साल पहले वर्ष 1923 में उन्होंने आगरा कॉलेज से बीएससी और उसके बाद वर्ष 1925 में एमए किया। विधि की पढ़ाई भी उन्होंने आगरा कॉलेज की की। वह छात्र जीवन में बाग मुजफ्फर खां के पास शहीद भगत सिंह छात्रावास के पास के हॉस्टल में रहते थे। चौ. चरण सिंह का मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने के बाद भी आगरा से नाता जुड़ा रहा।
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छत्रपति शिवाजी के 300 वें वर्ष कार्यक्रम में आए आगरा
मुख्यमंत्री बनने से ऐन पहले चौ. चरण सिंह आगरा किला के दीवान ए आम में हुए कार्यक्रम में जनसंघ के नेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के साथ एक ही मंच पर नजर आए थे। वर्ष 1966 में आगरा किला में छत्रपति शिवाजी के आगरा किला से निकल जाने का 300 वां वर्ष मनाया गया था। किले के अंदर दीवान-ए-आम में उस कार्यक्रम में तब जनसंघ नेता पं. दीनदयाल उपाध्याय भी मंच पर चौ. चरण सिंह के साथ थे। तब चौ. चरण सिंह कांग्रेस नेता थे और कांग्रेस से नाराज चल रहे थे।
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राजपथ पर किसान राज
पूर्व प्रधानमंत्री चौ.चरण सिंह की ओर से लिखी गई दो पुस्तकों का हिंदी अनुवाद आगरा के शिक्षक और छह विश्वविद्यालयों के अब तक कुलपति रहे केएस राणा ने किया है। आपात काल में लिखी गई पुस्तक इंडियाज इकॉनामिक पॉलिसी- गांधियन ब्लू प्रिंट का हिंदी अनुवाद उन्होंने तब किया, जब वह आगरा कॉलेज के शिक्षक थे। चौ. चरण सिंह ने उन्हें दिल्ली बुलाकर अपनी दोनों पुस्तकें अनुवाद के लिए दी थीं। राजपथ पर किसान राज... केएस राणा की तीसरी पुस्तक थी।
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एक ही मंच पर तीन पूर्व प्रधानमंत्री
‘चौ. चरण सिंह व्यक्तित्व एवं कृतित्व’ पुस्तक के विमोचन पर एक ही मंच पर देश के तीन प्रधानमंत्री नजर आए। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के कुलपति प्रो. केएस राणा ने बताया कि दिल्ली के मावलंकर हॉल में चौ. चरण सिंह की जीवनी पर आधारित पुस्तक में 23 दिसंबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी और चंद्रशेखर मौजूद थे। इनमें से अटल बिहारी वाजपेयी और चंद्रशेखर बाद में देश के प्रधानमंत्री बने।

काफी देरी से मिला सम्मान
चौधरी साहब को भारत रत्न काफी देरी से मिला। उन्हें यह सम्मान काफी पहले ही पूर्व सरकारों की ओर से ही दिया जाना चाहिए था। देश में किसानों के मसीहा के तौर पर केवल चौधरी साहब ही रहे हैं। -प्रो. केएस राणा, कुलपति, प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय




किसान और मजदूर के नेता
केंद्र सरकार का धन्यवाद, मैंने विधानसभा में चौ. चरण सिंह को भारत रत्न देने की मांग की थी। वह किसी एक जाति के नहीं, बल्कि हर किसान और मजदूर के नेता थे। उन्हें भारत रत्न मिलने से हर किसान को यह सम्मान मिला है। -चौ. बाबूलाल, विधायक, फतेहपुर सीकरी
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