जब एसएसपी के सामने हत्यारोपी बोला कि पुलिस ने मेरी जगह बेकसूर को भेजा है जेल
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आगरा के निबोहरा थाना पुलिस ने हत्यारोपी की जगह उसके ही नाम के बेकसूर युवक को जेल भेज दिया। अब बेगुनाह के परिवार वाले उस हत्यारोपी को ढूंढकर लाए और एसएसपी अमित पाठक के सामने पेश कर दिया। उसने कहा, साहब, हत्यारोपी मैं हूं, बेगुनाह को जेल से बाहर निकलवाए। एसएसपी ने मामला बेहद गंभीरता से लिया है।
उसके साथ फतेहाबाद के पूर्व विधायक छोटे लाल भी आए थे। उन्होंने बताया कि मढ़ैया हरलाल, मौजा धनौला कलां, निबोहरा के वीरी सिंह के बेटे महेश चंद को पुलिस 28 अगस्त को ले गई थी। वारंट पर महेश पुत्र हरि सिंह लिखा था। पता में पुरा लालपुर लिखा था। यानी पिता के नाम अलग-अलग थे, गांव भी अलग-अलग थे। इसके बावजूद पुलिस ने बेकुसूर को ही गिरफ्तार किया।
उसके परिजनों ने बताया कि पुलिस गलती कर रही है लेकिन पुलिस वाले नहीं माने। अब बेगुनाह बताए जा रहे महेश के बेटे बंटी का कहना है कि 28 अगस्त को निबोहरा थाना के प्रभारी अजय कुमार सिपाहियों के साथ आए थे। वे ही उसके पिता को ले गए थे। उसे पिता 29 अगस्त से जेल में हैं।
पुलिस से बचने को बन गया था बाबा
वारंटी महेश पुत्र हरि सिंह ने बताया कि वह कुछ तारीखों पर गया था। बाद में बाबा बन गया। टूंडला थाना क्षेत्र में गांव कुर्ररा के पास यमुना किनारे बने मंदिर पर रह रहा था। पहचान छिपाने के लिए अपने हाथ पर लिखे नाम को काटकर आगे बाबा भी लिखवा लिया था।
बेटे ने जुटाए पिता की बेगुनाही के सुबूत
फतेहाबाद के गांव जरारी में 2012 में हत्या हुई थी। इसमें लाल पुरा, थाना निबोहरा निवासी महेश पुत्र हरी सिंह आरोपी था। महेश की आठ जुलाई 2013 को हाईकोर्ट से जमानत हो गई। वह गांव छोड़ गया। इस केस में आर्म्स एक्ट भी लगा था। अब इसमें वारंट आए तो पुलिस दूसरे महेश को गिरफ्तार कर ले गई।
महेश की जमानत महेंद्र सिंह (अमरुपुरा, मटसेना, फिरोजाबाद), दाताराम, सोपालीराम और विजय सिंह (बसई मोहम्मदपुर, फिरोजाबाद) ने ली थी। बंटी ने जमानतदारों को खोज निकाला। जमानतदारों ने महेश को एक्सप्रेसवे के रास्ते पर सोमवार को पकड़ लिया। सोमवार को उसे एसएसपी आफिस ले आए। एसपी ग्रामीण, पूर्वी नित्यानंद राय ने बताया कि अगर, गलत व्यक्ति को जेल भेजा गया है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
मानवाधिकार आयोग में करेंगे शिकायत
बंटी का कहना था कि पुलिस ने जल्दबाजी में उसके निर्दोष पिता को जेल भेज दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से उसके पिता कई दिन से जेल में हैं। उनके परिवार की समाज में छवि भी खराब हुई है। वह मानवाधिकार आयोग में शिकायत करेंगे।