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Agra News: मदद के लिए चिल्लाते रहे घायल, गेट बंद करने पर गार्ड को पीटा
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सिकंदरा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती केमिकल फैक्ट्री के धमाका झुलसा मनोज
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आगरा। फैक्टरी में केमिकल से हुई धमाके की घटना के बाद लापरवाही की गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के गार्ड ने दरवाजा बंद कर दिया। उसने किसी को अंदर नहीं जाने दिया। घायलों की आवाज सुनाई दे रही थी। वो मदद के लिए आवाज लगा रहे थे। पास की फैक्ट्रियों से आए कर्मचारी दीवार फांदकर अंदर गए। गुस्साए लोगों ने गार्ड की पिटाई भी लगा दी। घायलों को केमिकल के पास से उठाकर पानी डाला। इसके बाद अस्पताल भेजा।
कंपनी के कर्मचारी मनोज ने बताया कि उन्होंने फार्मेलिन का एक ड्रम खाली कर दिया था। दूसरे ड्रम को लेकर आए थे। इससे भी एनिमल बर्थ सेंटर के ड्रम में केमिकल भरना था। मगर ड्रम में फार्मेलिन नहीं था। गलती से वो नाइटि्रक एसिड का ड्रम ले आए थे। उन्होंने सेंटर के ड्रम में भरे फार्मेलिन में नाइटि्रक एसिट डाल दिया। इसके बाद ड्रम का ढक्कन बंद कर दिया। चंद सेकंड बाद ही धमाका हो गया। कुछ देर तक किसी को कुछ नहीं दिखाई दिया। पीला धुआं छा गया। आंखों में जलन मच रही थी। सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
ऐसा लगा बम फट गया
क्षेत्र की एक फैक्टरी के गार्ड सर्वेश ने बताया कि वो गेट पर ड्यूटी कर रहा था। अचानक से बहुत तेज आवाज आई। ऐसा लगा कोई बम फट गया है। फैक्टरी से पीला धुंआ उठ रहा था। अंदर से लोगों के चीखने की आवाज आ रही थी। हमारी फैक्टरी और आसपास की फैक्टरी में काम करने वाले मदद के लिए आ गए। फैक्टरी के अंदर चार लोग झुलसे हुए मदद की मांग कर रहे थे।
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रास्ते से निकले थे फैक्टरी
हमारी पूरी टीम कुत्तों के वैक्सीनेशन करके आ रही थी। रास्ते में ड्राइवर पर मालिक को फोन आया, उन्होंने रास्ते से केमिकल का ड्रम लेकर आने को कहा। हम गेट पर खड़े रह गए। ड्राइवर राजेश गाड़ी लेकर अंदर चला गया। कुछ ही देर में अंदर विस्फोट की आवाज आई। फैक्टरी के गार्ड ने अंदर से गेट बंद कर दिया। हमें दीवार के ऊपर होकर अंदर जाना पड़ा। अंदर राजेश और उसके साथ तीन लोग घायल पड़े थे। - बादल वैक्सीनेशन टीम कर्मी
एनिमल बर्थ सेंटर की टीम फैक्टरी पहुंची थी। सेंटर में फार्मेलिन का प्रयोग किया जाता है। यह केमिकल लेना था। मगर धमाका हो गया। इसका कारण पता किया जा रहा है। कर्मचारी का कंपनी संचालक उपचार करा रहे हैं। घायल के परिजन से बात की जाएगी। घायल चालक सेंटर की संस्था का था।
डाॅ. अजय कुमार सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम
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कंपनी के कर्मचारी मनोज ने बताया कि उन्होंने फार्मेलिन का एक ड्रम खाली कर दिया था। दूसरे ड्रम को लेकर आए थे। इससे भी एनिमल बर्थ सेंटर के ड्रम में केमिकल भरना था। मगर ड्रम में फार्मेलिन नहीं था। गलती से वो नाइटि्रक एसिड का ड्रम ले आए थे। उन्होंने सेंटर के ड्रम में भरे फार्मेलिन में नाइटि्रक एसिट डाल दिया। इसके बाद ड्रम का ढक्कन बंद कर दिया। चंद सेकंड बाद ही धमाका हो गया। कुछ देर तक किसी को कुछ नहीं दिखाई दिया। पीला धुआं छा गया। आंखों में जलन मच रही थी। सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
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ऐसा लगा बम फट गया
क्षेत्र की एक फैक्टरी के गार्ड सर्वेश ने बताया कि वो गेट पर ड्यूटी कर रहा था। अचानक से बहुत तेज आवाज आई। ऐसा लगा कोई बम फट गया है। फैक्टरी से पीला धुंआ उठ रहा था। अंदर से लोगों के चीखने की आवाज आ रही थी। हमारी फैक्टरी और आसपास की फैक्टरी में काम करने वाले मदद के लिए आ गए। फैक्टरी के अंदर चार लोग झुलसे हुए मदद की मांग कर रहे थे।
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रास्ते से निकले थे फैक्टरी
हमारी पूरी टीम कुत्तों के वैक्सीनेशन करके आ रही थी। रास्ते में ड्राइवर पर मालिक को फोन आया, उन्होंने रास्ते से केमिकल का ड्रम लेकर आने को कहा। हम गेट पर खड़े रह गए। ड्राइवर राजेश गाड़ी लेकर अंदर चला गया। कुछ ही देर में अंदर विस्फोट की आवाज आई। फैक्टरी के गार्ड ने अंदर से गेट बंद कर दिया। हमें दीवार के ऊपर होकर अंदर जाना पड़ा। अंदर राजेश और उसके साथ तीन लोग घायल पड़े थे। - बादल वैक्सीनेशन टीम कर्मी
एनिमल बर्थ सेंटर की टीम फैक्टरी पहुंची थी। सेंटर में फार्मेलिन का प्रयोग किया जाता है। यह केमिकल लेना था। मगर धमाका हो गया। इसका कारण पता किया जा रहा है। कर्मचारी का कंपनी संचालक उपचार करा रहे हैं। घायल के परिजन से बात की जाएगी। घायल चालक सेंटर की संस्था का था।
डाॅ. अजय कुमार सिंह, पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम

सिकंदरा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती केमिकल फैक्ट्री के धमाका झुलसा मनोज