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बृज के गीतों पर खूब नाचीं घोड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:38 PM IST
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बटेश्वर में आयोजित हॉर्स शो में घुड़सवारों ने दिखाए करतब
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बृज के गीतों की धुन पर नाचती घोड़ियों और घोड़ों के हैरतअंगेज करतबों को देखकर लोग दंग रह गए। मौका था ऐतिहासिक बटेश्वर पशु मेले के दौरान आयोजित हॉर्स शो का। शो का उद्घाटन कमिश्नर चंद्रकांत ने किया। घुड़सवारों ने प्राचीन युद्ध कलाओं का भी प्रदर्शन किया। मंडलायुक्त ने मेला स्थल पर सुविधाओं को बढ़ाने का भरोसा दिलाया।
गुरुवार को जिला पंचायत और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पशु मेले के दौरान हॉर्स शो का आयोजन किया गया। मंडलायुक्त चंद्रकांत ने जैसे ही शो का उद्घाटन किया एक के बाद एक घुड़सवार करतब दिखाने मैदान में उतर आए। छाता (मथुरा) के शिवचरन अपनी घोड़ी हीरा को लेकर आए। घोड़ी के पैरों में घुंघरू बंधे थे।
बृज के गीतों की धुन पर घोड़ी ने मैदान से लेकर चारपाई तक नृत्य किया। इससे पहले राष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट पुलिस कर्मी राम कुमार ने अपने घोड़े टाइगर के साथ युद्धकला के हैरतअंगेज करतब दिखाए। दुश्मन के तंबू उखाड़ने की कला के प्रदर्शन के साथ दर्शकों की तालियां बटोरीं।
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सिपाही विनोद कुमार, सुरेश, राजकुमार, अजेंद्र सिंह आदि घुड़सवारों ने प्रदर्शन किया। कन्नौज के आसिफ खान, फीरोजाबाद के आशुतोष ने भी घोड़ियों का डांस कराया। फतेहपुर के अबरार और नसीम की घोड़ियों ने स्लिीपिंग, जंपिंग से लेकर सलामी की कला का प्रदर्शन किया। जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव ने घुड़सवारों को सम्मानित किया। एडीएम प्रशासन राजेश श्रीवास्तव, अरुण डंग, आरपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दिनेश कुमार, एसीएमओ वीरेंद्र भारती, जिलापंचायत के मुख्य कार्य अधिकारी दिनेश पांडेय, एसडीएम बाह अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार बाह देवेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
बटेश्वर तीर्थ का हो रहा संरक्षण
बटेश्वर तीर्थ का पौराणिक महत्व क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दिनेश कुमार ने रेखांकित कर इसके विकास की कार्ययोजना बनाए जाने की बात कही। इंटेक के कन्वीनियर आरपी सिंह ने बताया कि बटेश्वर में 101 मंदिर थे। सर्वे में 49 मंदिर मिले हैं। तीन का संरक्षण हो रहा है। 100 से ज्यादा पौराणिक महत्व के स्थल चिह्नित किए गए हैं। जिनके संरक्षण के प्रयास हो रहे हैं।
शो में खली पर्यटकों की कमी
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर हॉर्स शो का आयोजन प्रारंभ हुआ था। कोशिश थी ऐतिहासिक पशु मेले, बटेश्वर, चंबल सफारी और इटावा लाइन सफारी से देशी और विदेशी पर्यटकों को सीधा जोड़ा जाए लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते मुख्यमंत्री का सपना अभी धुंधला है। गुरुवार को आयोजित शो में एक भी विदेशी पर्यटक नहीं नजर नहीं आया। पिछले दो हॉर्स शो की तुलना इस वर्ष भीड़ कम रही।
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गुरुवार को जिला पंचायत और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पशु मेले के दौरान हॉर्स शो का आयोजन किया गया। मंडलायुक्त चंद्रकांत ने जैसे ही शो का उद्घाटन किया एक के बाद एक घुड़सवार करतब दिखाने मैदान में उतर आए। छाता (मथुरा) के शिवचरन अपनी घोड़ी हीरा को लेकर आए। घोड़ी के पैरों में घुंघरू बंधे थे।
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बृज के गीतों की धुन पर घोड़ी ने मैदान से लेकर चारपाई तक नृत्य किया। इससे पहले राष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट पुलिस कर्मी राम कुमार ने अपने घोड़े टाइगर के साथ युद्धकला के हैरतअंगेज करतब दिखाए। दुश्मन के तंबू उखाड़ने की कला के प्रदर्शन के साथ दर्शकों की तालियां बटोरीं।
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सिपाही विनोद कुमार, सुरेश, राजकुमार, अजेंद्र सिंह आदि घुड़सवारों ने प्रदर्शन किया। कन्नौज के आसिफ खान, फीरोजाबाद के आशुतोष ने भी घोड़ियों का डांस कराया। फतेहपुर के अबरार और नसीम की घोड़ियों ने स्लिीपिंग, जंपिंग से लेकर सलामी की कला का प्रदर्शन किया। जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव ने घुड़सवारों को सम्मानित किया। एडीएम प्रशासन राजेश श्रीवास्तव, अरुण डंग, आरपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दिनेश कुमार, एसीएमओ वीरेंद्र भारती, जिलापंचायत के मुख्य कार्य अधिकारी दिनेश पांडेय, एसडीएम बाह अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार बाह देवेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
बटेश्वर तीर्थ का हो रहा संरक्षण
बटेश्वर तीर्थ का पौराणिक महत्व क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दिनेश कुमार ने रेखांकित कर इसके विकास की कार्ययोजना बनाए जाने की बात कही। इंटेक के कन्वीनियर आरपी सिंह ने बताया कि बटेश्वर में 101 मंदिर थे। सर्वे में 49 मंदिर मिले हैं। तीन का संरक्षण हो रहा है। 100 से ज्यादा पौराणिक महत्व के स्थल चिह्नित किए गए हैं। जिनके संरक्षण के प्रयास हो रहे हैं।
शो में खली पर्यटकों की कमी
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर हॉर्स शो का आयोजन प्रारंभ हुआ था। कोशिश थी ऐतिहासिक पशु मेले, बटेश्वर, चंबल सफारी और इटावा लाइन सफारी से देशी और विदेशी पर्यटकों को सीधा जोड़ा जाए लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते मुख्यमंत्री का सपना अभी धुंधला है। गुरुवार को आयोजित शो में एक भी विदेशी पर्यटक नहीं नजर नहीं आया। पिछले दो हॉर्स शो की तुलना इस वर्ष भीड़ कम रही।