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Agra News: पाय चौकी में आज रखा जाएगा ऐतिहासिक फूलों का ताजिया, मुहर्रम की सातवीं तारीख से रखे जाएंगे शहरभर में ताजिये, फूलों के ताजिये की जियारत करने के लिए उमड़ेंगे अकीदतमंद
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पाय चौकी स्थित कटरा दबकैयान के इसी इमामबाड़ा में ऐतिहासिक फूलों का ताजिया मोहर्रम की 7वीं तारीख
- फोटो : मनीष शर्मा
आगरा। माह-ए-मुहर्रम में कर्बला की जंग के शहीदों की याद में ताजियेदारी का सिलसिला मंगलवार से शुरू हो जाएगा। पाय चौकी (कटरा दबकैय्यान) स्थित इमामबाड़े में ऐतिहासिक फूलों का ताजिया मंगलवार की शाम को रखा जाएगा। फातिहाख्वानी के साथ ही जियारत शुरू हो जाएगी। इसके बाद शहरभर के अन्य स्थानों पर लोग ताजिये रखेंगे। मुहर्रम की दसवीं तारीख तक इनकी जियारत होगी। दोपहर बाद सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
फूलों के ताजिये के चौधरी सरफराज ने बताया कि फूलों का ताजिया इमामबाड़े में शाम छह बजे रख दिया जाएगा। इसके बाद जायरीन के यहां आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जायरीन गुलपोशी करेंगे। फूलों के ताजिये को रखे जाने के बाद ही शहरभर की मुस्लिम बस्तियों में ताजियेदारी शुरू हो जाएगी। मुहर्रम के लिए लोग विभिन्न तरीके के ताजिये रखकर उनकी जियारत करते हैं। मोहर्रम की दसवीं को फूलों के ताजिये के उठाए जाने के बाद ही अन्य स्थानों पर रखे गए ताजियों के जुलूस भी शुरू हो जाएंगे। खासतौर पर कटरा दबकैय्यान, पाय चौकी, बेलनगंज, लोहामंडी, बेसन बस्ती, मंटोला, ढोलीखार, ताजगंज, शाहगंज, तेलीपाड़ा, सैयदपाड़ा, वजीरपुरा आदि इलाकों में ताजिये रखे जाते हैं। ताजगंज में एक स्थान पर ताबूत का जुलूस भी निकाला जाता है। हिंदुस्तानी बिरादरी के डॉ. सिराज कुरैशी बताते हैं कि सभी ताजियों के जुलूस विभिन्न कर्बलाओं में पहुंचेंगे, जहां उन्हें सुपुर्द -ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया जाएगा।
आज निकाला जाएगा अलम का जुलूस
आगरा। शिया समुदाय की ओर से अंजुमन-ए-पंजतनी की जानिब से मुहर्रम की सात तारीख को परंपरागत अलम का जुलूस पुराना इमामबाड़ा, शाहगंज से शाम चार बजे निकाला जाएगा। अमीर अहमद एडवोकेट ने बताया कि जुलूस संगीता टॉकीज, शाहगंज रोड, मोहल्ला कुरैशियान, चिल्लीपाड़ा होते हुए पुराने इमामबाड़े पर ही समाप्त होगा। जुलूस में अंजुमन-ए-पंजतनी से जुड़े नौजवान सीनाजनी और नोहाख्वानी करेंगे। जंजीर का मातम भी होगा। बाद जुलूस इमामबाड़े में मजलिस -ए-अजा मुनक्किद होगी, जिसे मौलाना सैयद जफर रिजवी खिताब करेंगे।
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फूलों के ताजिये के चौधरी सरफराज ने बताया कि फूलों का ताजिया इमामबाड़े में शाम छह बजे रख दिया जाएगा। इसके बाद जायरीन के यहां आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जायरीन गुलपोशी करेंगे। फूलों के ताजिये को रखे जाने के बाद ही शहरभर की मुस्लिम बस्तियों में ताजियेदारी शुरू हो जाएगी। मुहर्रम के लिए लोग विभिन्न तरीके के ताजिये रखकर उनकी जियारत करते हैं। मोहर्रम की दसवीं को फूलों के ताजिये के उठाए जाने के बाद ही अन्य स्थानों पर रखे गए ताजियों के जुलूस भी शुरू हो जाएंगे। खासतौर पर कटरा दबकैय्यान, पाय चौकी, बेलनगंज, लोहामंडी, बेसन बस्ती, मंटोला, ढोलीखार, ताजगंज, शाहगंज, तेलीपाड़ा, सैयदपाड़ा, वजीरपुरा आदि इलाकों में ताजिये रखे जाते हैं। ताजगंज में एक स्थान पर ताबूत का जुलूस भी निकाला जाता है। हिंदुस्तानी बिरादरी के डॉ. सिराज कुरैशी बताते हैं कि सभी ताजियों के जुलूस विभिन्न कर्बलाओं में पहुंचेंगे, जहां उन्हें सुपुर्द -ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया जाएगा।
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आज निकाला जाएगा अलम का जुलूस
आगरा। शिया समुदाय की ओर से अंजुमन-ए-पंजतनी की जानिब से मुहर्रम की सात तारीख को परंपरागत अलम का जुलूस पुराना इमामबाड़ा, शाहगंज से शाम चार बजे निकाला जाएगा। अमीर अहमद एडवोकेट ने बताया कि जुलूस संगीता टॉकीज, शाहगंज रोड, मोहल्ला कुरैशियान, चिल्लीपाड़ा होते हुए पुराने इमामबाड़े पर ही समाप्त होगा। जुलूस में अंजुमन-ए-पंजतनी से जुड़े नौजवान सीनाजनी और नोहाख्वानी करेंगे। जंजीर का मातम भी होगा। बाद जुलूस इमामबाड़े में मजलिस -ए-अजा मुनक्किद होगी, जिसे मौलाना सैयद जफर रिजवी खिताब करेंगे।
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