{"_id":"64b979f810ca9173c9097794","slug":"the-heat-of-the-sun-is-burning-the-submerged-crops-due-to-floods-kasganj-news-c-175-1-sagr1031-2082-2023-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: बाढ़ से जलमग्न फसलों को जला रहा सूरज का ताप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: बाढ़ से जलमग्न फसलों को जला रहा सूरज का ताप
Thu, 20 Jul 2023 11:46 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 20 Jul 2023 11:46 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
कासगंज। जिले में दस दिनों से लगातार मीडियम फ्लड के हालात बने हुए हैं। सबसे पहले गंगा की बाढ़ का प्रकोप खादर के खेतों में शुरू हुआ और यह प्रकोप लगातार बढ़ता चला गया। अब खादर के ही नहीं बल्कि गांवों के आस पास के खेतों की फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। गंगा के तटीय इलाकों में सड़क के उत्तरी भाग की ज्यादातर फसलें जलमग्न हैं। जबकि दक्षिणी हिस्से में उस इलाके की फसलें जलमग्न हैं। वहीं सूरज का ताप लगातार बढ़ रहा है। जो इन फसलों को जला रहा है। 5 हजार हेक्टेयर से अधिक फसलों में बाढ़ का पानी भरा होने का अनुमान है।
जिससे खेतों में खड़ीं फसलें लगातार खराब हो रही हैं। खेतों में ईख, मक्का, धान, बाजरा, मूंगफली, उड़द, शिवाला आदि की फसलें लगी हुई हैं। जिनकी बर्बादी को लेकर किसान चिंता में हैं। अभी बाढ़ का प्रभाव होने के कारण प्रशासन के द्वारा क्षति का कोई आंकलन नहीं किया गया है। जबकि किसान लगातार फसलों की क्षति का आंकलन कराने और मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। नगरिया-सहवाजपुर मार्ग से लेकर कादरगंज तक और कादरगंज इलाके में उत्तरी और दक्षिणी किनारे के दोनों ओर खेतों की फसलें बाढ़ के पानी से जलमग्न है। हर एक किसान को फसलों की चिंता है और वह बर्बादी देखकर परेशान हो रहे हैं। उनका कहना है कि कैसे अब घर चलाएंगे और कैसे कर्ज चुका पाएंगे।
बोले किसान-
- मैंने 30 बीघा मक्का की फसल की थी। जिसमें 15 बीघा फसल पट्टे के खेत में लगाई। बाढ़ का पानी खेत में भरा हुआ है। पूरी फसल बर्बाद हो गई। खेत में तीन फुट से अधिक पानी भरा हुआ है- अशोक कुमार, नगला तरसी।
विज्ञापन
- 27 बीघा मक्का की फसल खेतों में पकी खड़ी थी। केवल 8 बीघा फसल का ही भुट्टा तोड़ पाए, लेकिन बाढ़ का पानी भर गया। 19 बीघा तैयार खड़ी मक्का की फसल बर्बाद हो गई- अमर सिंह शाक्य, बगवास।
- मक्का, बाजरा, धान, मूंगफली की सभी फसलों में पानी भरा हुआ है। फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान पूरी तरह से बर्बाद हो रहा है। क्या करें कुछ समझ नहीं आ रहा। कोई देखने वाला नहीं है। फसलों का मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा- कप्तान सिंह, अजीतनगर।
- बाढ़ ने सारी फसलें बर्बाद कर दी हैं। 42 बीघा उड़द की फसल, 15 बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई। अब कुछ भी बचने वाला नहीं है- बुधपाल, ओमनगरिया
जिससे खेतों में खड़ीं फसलें लगातार खराब हो रही हैं। खेतों में ईख, मक्का, धान, बाजरा, मूंगफली, उड़द, शिवाला आदि की फसलें लगी हुई हैं। जिनकी बर्बादी को लेकर किसान चिंता में हैं। अभी बाढ़ का प्रभाव होने के कारण प्रशासन के द्वारा क्षति का कोई आंकलन नहीं किया गया है। जबकि किसान लगातार फसलों की क्षति का आंकलन कराने और मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। नगरिया-सहवाजपुर मार्ग से लेकर कादरगंज तक और कादरगंज इलाके में उत्तरी और दक्षिणी किनारे के दोनों ओर खेतों की फसलें बाढ़ के पानी से जलमग्न है। हर एक किसान को फसलों की चिंता है और वह बर्बादी देखकर परेशान हो रहे हैं। उनका कहना है कि कैसे अब घर चलाएंगे और कैसे कर्ज चुका पाएंगे।
विज्ञापन
बोले किसान-
- मैंने 30 बीघा मक्का की फसल की थी। जिसमें 15 बीघा फसल पट्टे के खेत में लगाई। बाढ़ का पानी खेत में भरा हुआ है। पूरी फसल बर्बाद हो गई। खेत में तीन फुट से अधिक पानी भरा हुआ है- अशोक कुमार, नगला तरसी।
विज्ञापन
- 27 बीघा मक्का की फसल खेतों में पकी खड़ी थी। केवल 8 बीघा फसल का ही भुट्टा तोड़ पाए, लेकिन बाढ़ का पानी भर गया। 19 बीघा तैयार खड़ी मक्का की फसल बर्बाद हो गई- अमर सिंह शाक्य, बगवास।
- मक्का, बाजरा, धान, मूंगफली की सभी फसलों में पानी भरा हुआ है। फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान पूरी तरह से बर्बाद हो रहा है। क्या करें कुछ समझ नहीं आ रहा। कोई देखने वाला नहीं है। फसलों का मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा- कप्तान सिंह, अजीतनगर।
- बाढ़ ने सारी फसलें बर्बाद कर दी हैं। 42 बीघा उड़द की फसल, 15 बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई। अब कुछ भी बचने वाला नहीं है- बुधपाल, ओमनगरिया