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Agra News: इंचार्ज की मिलीभगत से स्कूल में चल रहा था फर्जीवाड़े का खेल (पंजीकृत 51 में से 29 उपस्थित थे)

Fri, 11 Jul 2025 11:03 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jul 2025 11:03 PM IST
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The game of fraud was going on in the school with the connivance of the in-charge
कासगंज। उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला दुर्ग में लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षक का वेतन इंचार्ज अध्यापक की मिलीभगत से आहरित किया जा रहा था। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने कभी शिक्षक को स्कूल आते नहीं देखा बावजूद उनकी उपस्थिति पंजिका में दर्ज मिली। पोर्टल के माध्यम से प्रधानाध्यापक, शिक्षक को उपस्थित दिखा रहे थे। विगत 27 जून से शिक्षक लगातार बगैर किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे हैं। उससे पहले की तिथियों पर फर्जी हस्ताक्षर के प्रमाण मिले हैं। शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने गंजडुंडवारा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला दुर्ग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल में फर्जी हस्ताक्षर कर वेतन आहरण का खेल पकड़ा। बीएसए ने इंचार्ज प्रधानाध्यापक और शिक्षक को निलंबित कर दिया है।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह शुक्रवार को विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। इंचार्ज प्रधानाध्यापक मो. असलम खां उपस्थित मिले। सहायक अध्यापक रवेंद्र कुमार के प्रशिक्षण के लिए एटा डायट जाने की जानकारी मिली। वहीं शिक्षक जितेंद्र कुमार माहेश्वरी 27 जून 2025 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। छात्रों ने बीएसए को बताया कि शिक्षक जितेंद्र कभी विद्यालय आते ही नहीं। उपस्थिति पंजिका देखने पर शिक्षक के 27 जून से पहले के हस्ताक्षर इंचार्ज प्रधानाध्यापक द्वारा किए जाने की जानकारी मिली। साथ ही पोर्टल के माध्यम से उपस्थिति दर्शाते हुए वेतन आहरित किए जाने की बात सामने आई। विद्यालय में मध्याह्न भोजन की स्थिति बेहद खराब मिली। मिड-डे-मील में सोमवार को फल वितरण व बुधवार को बच्चों काे दूध वितरण नहीं कराया गया। राशन में खराब क्वालिटी की दालों व खुले तेल व मसालों का भी प्रयोग मिला। कंवर्जन काॅस्ट का दुरुप्रयोग किए जाने का मामला सामने आया। इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने शिक्षक डायरी ही नहीं बनाई थी। पंजीकृत 51 छात्रों के सापेक्ष मात्र 29 विद्यार्थी ही उपस्थित मिले। विद्यालय का शैक्षिक स्तर शून्य पाया गया। कंपोजिट ग्रांट के उपभोग धनराशि के बिल वाउचर व कैशबुक भी नहीं दिखाई गई। स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत विद्यालय में शासन के निर्देशों के अनुसार कोई कार्य नहीं किया गया और न ही नवीन नामांकन के लिए किसी भी प्रकार के कोई भी प्रयास किए गए।
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स्कूल की हालत बहुत खराब थी। बच्चों ने बताया कि शिक्षक कभी स्कूल नहीं आते लेकिन वो वेतन ले रहे हैं। मिड ले मील, स्कूल चलो अभियान, निपुण की हालत भी खराब थी। इंचार्ज प्रधानाध्यापक और अनुपस्थित शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
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सूर्य प्रताप सिंह, बीएसए
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