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Agra News: कीचड़ भरे रास्ते से श्मशान लेकर पहुंचे शवयात्रा
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फोटो 4खेरागढ़ के गांव भाकर में वारिस के दौरान तिरपाल तान कर अंतिम संस्कार करते हुए ग्रामीण
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खेरागढ़। विकास खंड के गांव भाकर में शनिवार को एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट की बदहाल व्यवस्था उजागर हो गई। लगातार हो रही बारिश के बीच परिजन और ग्रामीणों को त्रिपाल तानकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। घंटों तक लोग बांसों के सहारे त्रिपाल थामे खड़े रहे, ताकि बारिश से चिता को बचाया जा सके।
गांव भाकर निवासी राकेश बघेल की बुजुर्ग मां रामबेटी (75) पत्नी स्व रामफूल का शनिवार सुबह करीब चार बजे निधन हो गया था। परिजन ने बारिश थमने का काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन लगातार वर्षा होने के कारण सुबह करीब 10 बजे मजबूरी में अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस दौरान श्मशान घाट पर टिनशेड नहीं होने से ग्रामीणों ने बांसों पर त्रिपाल बांधकर अंतिम संस्कार कराया। परिजन जसवंत सिंह ने बताया कि श्मशान घाट पर न तो टिनशेड है, न पीने के पानी और बैठने की कोई व्यवस्था। कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से श्मशान पर टिनशेड लगाने की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि श्मशान भूमि के कुछ हिस्से पर रसूखदार लोगों का कब्जा भी है।
ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान तक पहुंचने वाला रास्ता भी बदहाल है। बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ और पानी भर गया था, जिससे अर्थी को लेकर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष व्याप्त है।
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गांव भाकर निवासी राकेश बघेल की बुजुर्ग मां रामबेटी (75) पत्नी स्व रामफूल का शनिवार सुबह करीब चार बजे निधन हो गया था। परिजन ने बारिश थमने का काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन लगातार वर्षा होने के कारण सुबह करीब 10 बजे मजबूरी में अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस दौरान श्मशान घाट पर टिनशेड नहीं होने से ग्रामीणों ने बांसों पर त्रिपाल बांधकर अंतिम संस्कार कराया। परिजन जसवंत सिंह ने बताया कि श्मशान घाट पर न तो टिनशेड है, न पीने के पानी और बैठने की कोई व्यवस्था। कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से श्मशान पर टिनशेड लगाने की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि श्मशान भूमि के कुछ हिस्से पर रसूखदार लोगों का कब्जा भी है।
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ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान तक पहुंचने वाला रास्ता भी बदहाल है। बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ और पानी भर गया था, जिससे अर्थी को लेकर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति रोष व्याप्त है।
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