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35 करोड़ रुपये से बनेगा दूसरे मेट्रो कॉरिडोर का डिजाइन
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आगरा। कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक 15 किमी लंबा मेट्रो रेल का दूसरा कॉरिडोर बनेगा। इसके डिजाइन पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कानपुर में आठ किमी लंबाई की दूसरी लेन भी इसमें शामिल है। आगरा-कानपुर पैकेज के लिए तीन फर्मों के बीच दावेदारी शुरू हो गई है।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने आगरा और कानपुर मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर की विस्तृत डिजाइन व निर्माण कंसलटेंट के लिए नवंबर 2021 में टेंडर जारी किए थे। शुक्रवार को टेंडर जमा हुए। तीन कंपनियों ने आवेदन किया है। दस्तावेजों की तकनीकी जांच होगी। जिसके बाद वित्तीय जांच में सबसे कम कीमत पर काम करने के लिए तैयार फर्म को ठेका मिलेगा। इस प्रक्रिया में एक महीने का समय लगेगा। जिसमें आगरा में कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक 15 किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर और कानपुर में चंद्रशेखर आजाद यूनिवर्सिटी से जारौली तक 8.6 किमी लंबाई का दूसरा कॉरिडोर शामिल है।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा उसे कॉरिडोर से लेकर भवन, सभी तरह का इलेक्ट्रॉनिक, मेकेनिकल व सिविल कार्य की डिजाइन तैयार करनी होगी। दूसरे कॉरिडोर के निर्माण में करीब चार वर्ष का समय लगेगा। इसमें करीब 14 एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे। कंसलटेंट एजेंसी का अनुबंध होने के बाद कॉरिडोर पर सिविल कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर में पहले चरण में छह स्टेशन का प्राथमिकता कॉरिडोर बन रहा है। जिसमें तीन एलिवेटेड और तीन भूमिगत स्टेशन शामिल हैं। ताजपूर्वी गेट, बसई और फतेहाबाद तीन स्टेशन करीब 273 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा ताजमहल से आगरा किला, जामा मस्जिद होते हुए आरबीएस कॉलेज तक सात स्टेशन का भूमिगत कॉरिडोर निर्माण के लिए 2200 करोड़ रुपये की टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
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उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने आगरा और कानपुर मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर की विस्तृत डिजाइन व निर्माण कंसलटेंट के लिए नवंबर 2021 में टेंडर जारी किए थे। शुक्रवार को टेंडर जमा हुए। तीन कंपनियों ने आवेदन किया है। दस्तावेजों की तकनीकी जांच होगी। जिसके बाद वित्तीय जांच में सबसे कम कीमत पर काम करने के लिए तैयार फर्म को ठेका मिलेगा। इस प्रक्रिया में एक महीने का समय लगेगा। जिसमें आगरा में कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक 15 किमी का एलिवेटेड कॉरिडोर और कानपुर में चंद्रशेखर आजाद यूनिवर्सिटी से जारौली तक 8.6 किमी लंबाई का दूसरा कॉरिडोर शामिल है।
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आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि जिस कंपनी को टेंडर मिलेगा उसे कॉरिडोर से लेकर भवन, सभी तरह का इलेक्ट्रॉनिक, मेकेनिकल व सिविल कार्य की डिजाइन तैयार करनी होगी। दूसरे कॉरिडोर के निर्माण में करीब चार वर्ष का समय लगेगा। इसमें करीब 14 एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे। कंसलटेंट एजेंसी का अनुबंध होने के बाद कॉरिडोर पर सिविल कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर में पहले चरण में छह स्टेशन का प्राथमिकता कॉरिडोर बन रहा है। जिसमें तीन एलिवेटेड और तीन भूमिगत स्टेशन शामिल हैं। ताजपूर्वी गेट, बसई और फतेहाबाद तीन स्टेशन करीब 273 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा ताजमहल से आगरा किला, जामा मस्जिद होते हुए आरबीएस कॉलेज तक सात स्टेशन का भूमिगत कॉरिडोर निर्माण के लिए 2200 करोड़ रुपये की टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
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