फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Life imprisonment to mother murderer hatred for her husband that's why gave a painful death to son

कातिल मां को आजीवन कारावास: पति से थी इतनी नफरत...इसलिए बेटे को दी दर्दनाक मौत, गला दबाते हुए नहीं आया रहम

Sun, 04 Aug 2024 11:34 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Updated Sun, 04 Aug 2024 11:34 AM IST
सार

मैनपुरी में कोर्ट ने चार माह के बेटे की कातिल मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसने बेटे को इसलिए मार दिया, क्योंकि उसे पति पसंद नहीं था। 

विज्ञापन
Life imprisonment to mother murderer hatred for her husband that's why gave a painful death to son
मासूम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : FreePik

विस्तार

मैनपुरी के थाना कोतवाली क्षेत्र में दो साल पहलेे चार माह के मासूम की गला दबाकर हत्या करने वाली मां को अपर जिला जज षष्ठम चेतना चौहान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद दोषी पाई गई मां को जेल भेजा गया है।
विज्ञापन

 

शहर के मोहल्ला गाड़ीवान के रहने वाले अनिल कुमार की शादी वर्ष 2020 में अंशिका निवासी न्यू गाड़ीवान के साथ हुई थी। शादी के बाद अंशिका ने एक पुत्र को जन्म दिया। अप्रैल 2022 में अंशिका अपने चार माह के मासूम पुत्र के साथ मायके चली गई। एक मई 2022 को अंशिका ने अपने मासूम पुत्र की गला दबाकर हत्या कर दी। पुत्र की हत्या की जानकारी मिलने के बाद सुसराल पहुंचे अनिल ने अपनी पत्नी अंशिका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने अंशिका को जेल भेजने के बाद चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज षष्ठम चेतना चौहान की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने अंशिका केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर अंशिका को मासूम पुत्र की गला घोटकर हत्या करने का दोषी पाया गया। मासूम की गला दबाकर हत्या करने वाली मां को अपर जिला जज षष्ठम चेतना चौहान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद दोषी पाई गई मां को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
विज्ञापन

जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
अंशिका को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शनिवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही वापस जेल भेज दिया गया।

पति को नहीं करती थी पसंद
मुकदमे की सुनवाई के दौरान कई तथ्य सामने आए। गवाही में पता चला कि अंशिका की अनिल के साथ दूसरी शादी हुई थी। उसने पहले पति को छोड़ दिया था। वह अनिल को भी पसंद नहीं करती थी। गवाही में सामने आया कि अंशिका किसी अन्य के संपर्क में थी। श्यामू नाम का युवक ही उसका खर्चा भी उठाता था।
 

बच्चे की हत्या करने वाली मां समाज के लिए घातक
अपर जिला जज ने निर्णय में मार्मिक टिप्पणी की है। निर्णय में लिखा है कि अवैध संबंधों के कारण अपने चार माह के मासूम की हत्या करने वाली मां समाज के लिए घातक है। देश में मां को भगवान का दर्जा दिया गया है। मातृ शक्ति की पूजा होती है। मां में वह शक्ति है जो बच्चों के लिए कुछ भी कर सकती है। मां जीवन दायिनी है। बच्चों को संसार की रीति मां ही सिखाती है। मां की ममता के बिना सब कुछ अधूरा है। त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति मां है। संतान पर जब संकट आता है तो मां किसी के भी सामने खड़ी हो जाती है। चार माह के मासूम की गला घोंटकर हत्या करने की घटना दिल दहलाने वाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed