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सिविल एन्क्लेव के लिए बजट का टोटा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2016 12:15 AM IST
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शासन ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्ताव को अब तक नहीं दी मंजूरी
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अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तो दूर, सिविल एन्क्लेव का प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में पड़ गया है। शासन ने अब तक इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्ताव को तो हरी झंडी दी नहीं है, सिविल एन्क्लेव की किस्त भी रोक दी है। इसकी वजह से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया रुक गई है।
खेरिया हवाई अड्डे पर सिविल एन्क्लेव और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार में क्रेडिट लेने की होड़ मच गई थी। इसके चलते सिविल एन्क्लेव को ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देने पर सहमति बन गई। इसको लेकर तमाम घोषणाएं भी कर दी गईं लेकिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चक्कर में सिविल एन्क्लेव का प्रस्ताव भी खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।
अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सिविल एन्क्लेव के लिए प्रस्तावित 23 हेक्टेयर जमीन में से अब तक लगभग 14 हेक्टेयर जमीन का ही अधिग्रहण हो पाया है। प्रशासन के पास बजट ही खत्म हो गया है। शेष जमीन के लिए अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति नागेंद्र शर्मा ने लगभग एक महीने पहले शासन से 64 करोड़ रुपये की डिमांड की थी, जिसे अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव तो अभी काफी दूर है। इसके लिए 55 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। लगभग एक महीने प्रशासन की तरफ से शासन को इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 179 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, तब से ये ठंडे बस्ते में पड़ा है। अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति नागेंद्र शर्मा के अनुसार, सिविल एन्क्लेव के लिए जमीन अधिग्रहण को अभी शेष बजट नहीं मिला है। वस्तु स्थिति से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही धनराशि मिलने की उम्मीद है।
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मुख्य सचिव बदलते ही, बदल गई नजर
तत्कालीन मुख्य सचिव दीपक सिंघल के समय में सिविल एन्क्लेव और इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुद्दे ने जोर पकड़ा था। सरकार से लेकर शासन तक पूरी शिद्दत से इसको साकार करने में जुट गई थी। मगर, दीपक सिंघल से पद से हटते ही, इन प्रस्तावों पर कवायद भी हल्की पड़ गई है।
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खेरिया हवाई अड्डे पर सिविल एन्क्लेव और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार में क्रेडिट लेने की होड़ मच गई थी। इसके चलते सिविल एन्क्लेव को ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देने पर सहमति बन गई। इसको लेकर तमाम घोषणाएं भी कर दी गईं लेकिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चक्कर में सिविल एन्क्लेव का प्रस्ताव भी खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।
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अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सिविल एन्क्लेव के लिए प्रस्तावित 23 हेक्टेयर जमीन में से अब तक लगभग 14 हेक्टेयर जमीन का ही अधिग्रहण हो पाया है। प्रशासन के पास बजट ही खत्म हो गया है। शेष जमीन के लिए अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति नागेंद्र शर्मा ने लगभग एक महीने पहले शासन से 64 करोड़ रुपये की डिमांड की थी, जिसे अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव तो अभी काफी दूर है। इसके लिए 55 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। लगभग एक महीने प्रशासन की तरफ से शासन को इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 179 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, तब से ये ठंडे बस्ते में पड़ा है। अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति नागेंद्र शर्मा के अनुसार, सिविल एन्क्लेव के लिए जमीन अधिग्रहण को अभी शेष बजट नहीं मिला है। वस्तु स्थिति से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही धनराशि मिलने की उम्मीद है।
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मुख्य सचिव बदलते ही, बदल गई नजर
तत्कालीन मुख्य सचिव दीपक सिंघल के समय में सिविल एन्क्लेव और इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुद्दे ने जोर पकड़ा था। सरकार से लेकर शासन तक पूरी शिद्दत से इसको साकार करने में जुट गई थी। मगर, दीपक सिंघल से पद से हटते ही, इन प्रस्तावों पर कवायद भी हल्की पड़ गई है।