{"_id":"683de52ab507365a9e0aedd5","slug":"the-accused-clerk-did-not-turn-up-to-record-his-statement-in-the-case-of-fraud-in-the-name-of-job-mainpuri-news-c-174-1-sagr1037-138407-2025-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा आरोपी लिपिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा आरोपी लिपिक
Mon, 02 Jun 2025 11:23 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 02 Jun 2025 11:23 PM IST
विज्ञापन
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय पर तैनात पुलिस।
- फोटो : क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय पर तैनात पुलिस।
मैनपुरी। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग में नौकरी के नाम पर ठगी के मामले की जांच जारी है। सोमवार को अलीगढ़ के जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी जांच के लिए मैनपुरी पहुंचे। यहां आरोपी कनिष्ठ लिपिक पुलिस सुरक्षा के बाद भी जवाब देने के लिए उपस्थित नहीं हुआ।
जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी कार्यालय में तैनात रहे कनिष्ठ लिपिक प्रशांत शुक्ला पर विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर 42 लाख रुपये ठगी का आरोप है। इस मामले में मैनपुरी कोतवाली में प्रशांत शुक्ला के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है। एफआईआर दर्ज होने के बाद निदेशक ने प्रशांत शुक्ला को निलंबित कर दिया था। लिपिक एटा कार्यालय से संबद्ध कर विभागीय जांच बरेली आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रधानाचार्य को सौंपी थी। प्रधानाचार्य ने पूर्व में मैनपुरी पहुंचकर जांच कर प्रशांत शुक्ला को दोषी बतायाथा। बाद में निदेशक आयुर्वेद सेवाएं मानवेंद्र सिंह ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी अलीगढ़ डॉ. नरेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नामित कर दिया। सोमवार को जांच अधिकारी अलीगढ़ मैनपुरी यूनानी कार्यालय जांच करने पहुंचे। यहां कनिष्ठ लिपिक प्रशांत शुक्ला और शिकायत करने वालों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया। लेकिन निलंबित लिपिक बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। जबकि जांच अधिकारी ने प्रशांत शुक्ला को 26 मई को आरोप पत्र जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। जांच अधिकारी ने मामले में शिकायतकर्ता ओम बहादुर, विनोद कुमार, प्रमोद कुमार आदि ने बयान दर्ज किए।
सुरक्षा की द़ृष्टि से बुलाई गई थी पुलिस
निलंबित लिपिक प्रशांत शुक्ला ने पूर्व में मैनपुरी कार्यालय आने पर सुरक्षा का खतरा बताया था। लिपिक की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डाॅ. सरिता सिंह ने एसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा मांगी थी। एसपी ने यूनानी अधिकारी की मांग पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भेजा लेकिन इसके बाद भी निलंबित लिपिक प्रशांत शुक्ला बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
कनिष्ठ लिपिक प्रशांत शुक्ला की विभागीय जांच चल रही है। नामित जांच अधिकारी मैनपुरी कार्यालय जांच करने आए थे। लेकिन कनिष्ठ लिपिक बयान दर्ज कराने नहीं आए। शिकायतकर्ताओं की ओर से बयान दर्ज कराए गए हैं। - सरिता सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
विज्ञापन
जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी कार्यालय में तैनात रहे कनिष्ठ लिपिक प्रशांत शुक्ला पर विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर 42 लाख रुपये ठगी का आरोप है। इस मामले में मैनपुरी कोतवाली में प्रशांत शुक्ला के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है। एफआईआर दर्ज होने के बाद निदेशक ने प्रशांत शुक्ला को निलंबित कर दिया था। लिपिक एटा कार्यालय से संबद्ध कर विभागीय जांच बरेली आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रधानाचार्य को सौंपी थी। प्रधानाचार्य ने पूर्व में मैनपुरी पहुंचकर जांच कर प्रशांत शुक्ला को दोषी बतायाथा। बाद में निदेशक आयुर्वेद सेवाएं मानवेंद्र सिंह ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी अलीगढ़ डॉ. नरेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नामित कर दिया। सोमवार को जांच अधिकारी अलीगढ़ मैनपुरी यूनानी कार्यालय जांच करने पहुंचे। यहां कनिष्ठ लिपिक प्रशांत शुक्ला और शिकायत करने वालों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया। लेकिन निलंबित लिपिक बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। जबकि जांच अधिकारी ने प्रशांत शुक्ला को 26 मई को आरोप पत्र जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। जांच अधिकारी ने मामले में शिकायतकर्ता ओम बहादुर, विनोद कुमार, प्रमोद कुमार आदि ने बयान दर्ज किए।
विज्ञापन
सुरक्षा की द़ृष्टि से बुलाई गई थी पुलिस
निलंबित लिपिक प्रशांत शुक्ला ने पूर्व में मैनपुरी कार्यालय आने पर सुरक्षा का खतरा बताया था। लिपिक की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डाॅ. सरिता सिंह ने एसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा मांगी थी। एसपी ने यूनानी अधिकारी की मांग पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भेजा लेकिन इसके बाद भी निलंबित लिपिक प्रशांत शुक्ला बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
कनिष्ठ लिपिक प्रशांत शुक्ला की विभागीय जांच चल रही है। नामित जांच अधिकारी मैनपुरी कार्यालय जांच करने आए थे। लेकिन कनिष्ठ लिपिक बयान दर्ज कराने नहीं आए। शिकायतकर्ताओं की ओर से बयान दर्ज कराए गए हैं। - सरिता सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी