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Agra News: शोध छात्रा हत्याकांड में 12 को होगी गवाही, बचाव पक्ष ने पेश नहीं किया गवाह
Tue, 03 Sep 2024 09:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 03 Sep 2024 09:06 AM IST
सार
दयालबाग शिक्षण संस्थान में शोध छात्रा हत्याकांड में अब सुनवाई 12 सितंबर को होगी। बचाव पक्ष की ओर से अभी गवाह पेश नहीं किया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के दयालबाग स्थित शिक्षण संस्थान में शोध छात्रा की हत्या के केस में अब 12 सितंबर को सुनवाई होगी। कोर्ट ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता की अपील पर गवाहों के नाम समन जारी किए हैं। सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से कोई भी गवाह पेश नहीं किया गया था।
15 मार्च 2013 को घटना हुई थी। दयालबाग स्थित शिक्षण संस्थान की लैब में छात्रा की हत्या की गई थी। शव लैैब में मिला था, जबकि कार संस्थान के बाहर मिली थी। हत्याकांड के बाद छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद संस्थान के ही प्रमुख अधिकारी के रिश्तेदार उदय स्वरूप और लैब सहायक यशवीर संधू को जेल भेजा था।
मामला बाद में सीबीआई को दिया गया था। सीबीआई ने जांच के बाद यशवीर संधू को क्लीन चिट दे दी थी। उदय स्वरूप पर दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप तय किए गए। सीबीआई ने 64 गवाह बनाए थे। सबसे अहम साक्ष्य डीएनए परीक्षण रिपोर्ट थी। दुष्कर्म की आशंका के चलते स्लाइड बनाई गई थी। इससे डीएनए सैंपल लिया गया था। दुष्कर्म की पुष्टि होने पर दुष्कर्म की धारा की वृद्धि की गई। मृतक छात्रा के पिता इंसाफ के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैंं।
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15 मार्च 2013 को घटना हुई थी। दयालबाग स्थित शिक्षण संस्थान की लैब में छात्रा की हत्या की गई थी। शव लैैब में मिला था, जबकि कार संस्थान के बाहर मिली थी। हत्याकांड के बाद छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद संस्थान के ही प्रमुख अधिकारी के रिश्तेदार उदय स्वरूप और लैब सहायक यशवीर संधू को जेल भेजा था।
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मामला बाद में सीबीआई को दिया गया था। सीबीआई ने जांच के बाद यशवीर संधू को क्लीन चिट दे दी थी। उदय स्वरूप पर दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप तय किए गए। सीबीआई ने 64 गवाह बनाए थे। सबसे अहम साक्ष्य डीएनए परीक्षण रिपोर्ट थी। दुष्कर्म की आशंका के चलते स्लाइड बनाई गई थी। इससे डीएनए सैंपल लिया गया था। दुष्कर्म की पुष्टि होने पर दुष्कर्म की धारा की वृद्धि की गई। मृतक छात्रा के पिता इंसाफ के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैंं।
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