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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: बीएड 2013 की जिन कॉपियों को दीमक ने नष्ट किया, उसमें मिलेंगे औसत अंक
Wed, 03 Mar 2021 01:17 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 03 Mar 2021 01:17 PM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड वर्ष 2013 की जिन 1100 कॉपियों को दीमक ने नष्ट कर दिया है, उसमें छात्र-छात्राओं को औसत अंक दिया जाएगा। मंगलवार को विवि के बृहस्पति भवन में कुलपति प्रो. अशोक मित्तल की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय हाईकोर्ट में शपथ देगा कि दो माह में बीएड-2013 के सभी मामलों का निस्तारण कर दिया जाएगा।
विवि के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि एक विद्यार्थी ने अपना परीक्षा परिणाम घोषित कराने के लिए हाईकोर्ट में रिट दायर की है। इस मामले में हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को नीति बनाकर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इस पर मंगलवार को परीक्षा समिति की आकस्मिक बैठक बुलाई गई।
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इसमें यह निर्णय लिया गया कि बीएड वर्ष 2013 के सभी प्रकरणों के निस्तारण से पहले नोडल केंद्रों से संबंधित छात्र-छात्राओं की परीक्षा में उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में परीक्षा नियंत्रक राजीव कुमार, वित्त अधिकारी एके सिंह, प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. अनिल वर्मा, प्रो. पीके सिंह, औटा के महामंत्री भूपेंद्र चिकारा, डॉ. निर्मला यादव, सहायक कुलसचिव अनूप कुमार, पवन कुमार, अजय गौतम, कैलाश बिंद आदि मौजूद रहे।
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विवि के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि एक विद्यार्थी ने अपना परीक्षा परिणाम घोषित कराने के लिए हाईकोर्ट में रिट दायर की है। इस मामले में हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को नीति बनाकर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इस पर मंगलवार को परीक्षा समिति की आकस्मिक बैठक बुलाई गई।
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इसमें यह निर्णय लिया गया कि बीएड वर्ष 2013 के सभी प्रकरणों के निस्तारण से पहले नोडल केंद्रों से संबंधित छात्र-छात्राओं की परीक्षा में उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में परीक्षा नियंत्रक राजीव कुमार, वित्त अधिकारी एके सिंह, प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. अनिल वर्मा, प्रो. पीके सिंह, औटा के महामंत्री भूपेंद्र चिकारा, डॉ. निर्मला यादव, सहायक कुलसचिव अनूप कुमार, पवन कुमार, अजय गौतम, कैलाश बिंद आदि मौजूद रहे।
62 उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन होगा
परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि 62 उत्तर पुस्तिकाएं ऐसी हैं, जिनके नंबरों पर ओवर राइटिंग पाई गई है। इसके संबंध में परीक्षा समिति ने निर्णय लिया है कि उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन दो बाहरी परीक्षकों से कराया जाएगा। उनकी ओर से दिए गए अंकों का औसत अंक उत्तर पुस्तिकाओं में दिया जाएगा।
जांच के लिए समितियां
परीक्षा में एक्स के रूप में बैठने वाले छात्र-छात्राओं का परिणाम विधिवत जांच के बाद घोषित किया जाएगा। इसके लिए प्रो. प्रदीप श्रीधर व प्रो. पीके सिंह की दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। वहीं दोबारा परीक्षा और अनुपस्थित छात्र-छात्राओं की जांच के लिए भी प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. अनिल वर्मा, सहायक कुलसचिव पवन कुमार की जांच समिति का गठन किया गया है।
ये है मामला
बीएड वर्ष 2013 की परीक्षा में करीब 20 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय में की गईं। इसके बाद वर्ष 2014 में मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई। समिति ने पाया कि कॉपियों में अंक काटकर बढ़ाए गए थे। फोइल और चार्ट में छेड़छाड़ की गई थी। चार्ट तक गायब कर दिया गया था। समिति ने वर्ष 2016 में अपनी आंतरिक रिपोर्ट में कहा कि बीएड 2013 के घोषित परीक्षा परिणाम के सापेक्ष उत्तर पुस्तिकाओं में प्राप्त अंकों पर परिणाम तैयार किया जाएगा। पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित के कार्यकाल में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की गई थी और अंकपर्ण तैयार करके परीक्षा का परिणाम तैयार किया गया था। ओवर राइटिंग व दीमक से नष्ट हुई कापियों पर निर्णय नहीं हो पाया था।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि 62 उत्तर पुस्तिकाएं ऐसी हैं, जिनके नंबरों पर ओवर राइटिंग पाई गई है। इसके संबंध में परीक्षा समिति ने निर्णय लिया है कि उत्तर पुस्तिकाओं का दोबारा मूल्यांकन दो बाहरी परीक्षकों से कराया जाएगा। उनकी ओर से दिए गए अंकों का औसत अंक उत्तर पुस्तिकाओं में दिया जाएगा।
जांच के लिए समितियां
परीक्षा में एक्स के रूप में बैठने वाले छात्र-छात्राओं का परिणाम विधिवत जांच के बाद घोषित किया जाएगा। इसके लिए प्रो. प्रदीप श्रीधर व प्रो. पीके सिंह की दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। वहीं दोबारा परीक्षा और अनुपस्थित छात्र-छात्राओं की जांच के लिए भी प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. अनिल वर्मा, सहायक कुलसचिव पवन कुमार की जांच समिति का गठन किया गया है।
ये है मामला
बीएड वर्ष 2013 की परीक्षा में करीब 20 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय में की गईं। इसके बाद वर्ष 2014 में मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई। समिति ने पाया कि कॉपियों में अंक काटकर बढ़ाए गए थे। फोइल और चार्ट में छेड़छाड़ की गई थी। चार्ट तक गायब कर दिया गया था। समिति ने वर्ष 2016 में अपनी आंतरिक रिपोर्ट में कहा कि बीएड 2013 के घोषित परीक्षा परिणाम के सापेक्ष उत्तर पुस्तिकाओं में प्राप्त अंकों पर परिणाम तैयार किया जाएगा। पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित के कार्यकाल में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की गई थी और अंकपर्ण तैयार करके परीक्षा का परिणाम तैयार किया गया था। ओवर राइटिंग व दीमक से नष्ट हुई कापियों पर निर्णय नहीं हो पाया था।