घूसखोरी मामला: ऑडियो स्टेनो से बात का... गिरफ्तारी जेडी की ? विजिलेंस की कार्रवाई पर शिक्षकों ने उठाए सवाल
जेडी घूसखोरी मामले में शिक्षकों ने विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कहा कि ऑडियो स्टेनो से बात का है तो जेडी की गिरफ्तारी क्यों की गई?
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में तीन लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) आरपी शर्मा की गिरफ्तारी पर शिक्षक संगठन सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि विजिलेंस ने स्टेनो से हुई बातचीत को पूरी कार्रवाई का आधार बनाया। मगर, जिस स्टेनो ने रिश्वत की बात की। उसकी गिरफ्तारी 5 दिन बाद भी नहीं की गई है। अगर, रिश्वत मांगी जा रही थी तो पहले स्टेनो को गिरफ्तार किया जाना चाहिए था।
शिकायतकर्ता शिक्षक अजय पाल ने विजिलेंस में शिकायत करते हुए एक ऑडियो दिया था। इसमें स्टेनो देवेंद्र से अपनी बातचीत का दावा किया। इसमें कहा कि वह रिश्वत मांग रहा था। 3 लाख रुपये पहले, 3 दिन बाद 2 लाख देने थे। बाकी रकम काम होने पर देना था।
आरोप है कि स्टेनो रकम जेडी से लेकर अन्य तक पहुंचने की कह रहा था। इस आधार पर विजिलेंस ने अपनी जांच की। इसके बाद जाल बिछाया। शनिवार को मिठाई के डिब्बे में तीन लाख रुपये रिश्वत लेते हुए जेडी को गिरफ्तार किया था।
विजिलेंस की कार्रवाई पर शिक्षक संगठन लगातार सवाल उठा रह हैं। उनका कहना है कि जिस स्टेनो पर रिश्वत मांगने का आरोप लग रहा है, वह अब तक फरार है। टीम ने जेडी को फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें अपनी बात तक नहीं कहने का मौका दिया।
उधर, एसपी विजिलेंस शगुन गौतम का कहना स्टेनो, दो डीआईओएस, वेतन बाबू सहित अन्य को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जेडी ने फाइल अपने पास रोकी थी। उन्होंने अब तक क्या किया? यह पता किया जा रहा है।
संपत्ति की होगी जांच
रिश्वत लेने के आरोप में जेल भेजे गए जेडी की संपत्ति की भी जांच होगी। विजिलेंस हर मामले में ऐसा करती है। आरोपी की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाया जाएगा। आय से अधिक संपत्ति मिलने पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।